ईरान की सेना ने अपने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह उनकी हर हरकत पर बारीकी से नज़र रख रही है। आर्मी कमांडर मेजर जनरल Amir Hatami ने बयान जारी कर कहा है कि ईरान के सैन्य मुख्यालयों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिकी सेना ईरान की धरती पर कदम रखती है, तो वहां से एक भी सैनिक ज़िंदा वापस नहीं जा पाएगा।

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ईरान ने किन ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है?

ईरान के सैन्य कमांड Khatam Al-Anbiya ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इसराइली ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक नई लहर शुरू करने का एलान किया है। इस हमले के दायरे में बहरीन और कुवैत में बने अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं। इसके अलावा इसराइल के शहर Tel Aviv और Eilat को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। ईरानी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उनके पास हथियारों का ऐसा गुप्त भंडार है जिसकी जानकारी किसी भी दुश्मन देश को नहीं है।

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा स्थिति के मुख्य अपडेट

इस पूरे मामले में दोनों देशों की ओर से कड़े बयान सामने आ रहे हैं और तनाव काफी बढ़ गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह खबर काफी अहम है क्योंकि इसमें कई देशों के सैन्य ठिकाने शामिल हैं।

मुख्य पक्ष ताज़ा बयान और स्थिति
Donald Trump कहा कि अमेरिकी सेना ईरान पर अगले कुछ हफ्तों तक कड़े हमले जारी रखेगी।
Abbas Araghchi ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें वाशिंगटन के साथ बातचीत पर कोई भरोसा नहीं है।
Mao Ning चीनी विदेश मंत्रालय ने तुरंत युद्धविराम और शांति की अपील की है।
Masoud Pezeshkian ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि वे शांति चाहते हैं लेकिन इसके लिए सुरक्षा गारंटी ज़रूरी है।
Hezbollah उत्तरी इसराइल के गांवों और सैनिकों पर ड्रोन व रॉकेट हमले तेज़ कर दिए हैं।
Ground Situation ईरान के स्टील प्लांट, पोर्ट और आवासीय इलाकों में धमाकों की खबरें मिली हैं।

ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी रक्षा के लिए कोई समय सीमा तय नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह ईरान को भारी नुकसान पहुंचाएगा। इस तनाव की वजह से Hormuz जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर भी असर पड़ रहा है, जिसे चीन ने अवैध सैन्य कार्रवाई का नतीजा बताया है।