Saudi Arabia New Oil Route: हॉर्मुज का रास्ता बंद होने के बाद सऊदी अरब ने बदला प्लान, अब पाइपलाइन से भेजेगा दुनिया को तेल
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद सऊदी अरब ने तेल निर्यात के लिए नए रास्ते खोजने की तैयारी शुरू कर दी है। ईरान द्वारा अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए रास्ता रोके जाने के बाद, सऊदी अपनी 1,200 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की क्षमता को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। 2 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी के अन्य देश भी अब समुद्र के बजाय जमीन के रास्ते पाइपलाइन बिछाने पर जोर दे रहे हैं ताकि तेल की सप्लाई सुरक्षित रहे।
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सऊदी अरब और UAE क्या बड़े बदलाव कर रहे हैं?
सऊदी अरब अपनी मुख्य पाइपलाइन पेट्रोलिन को और भी बड़ा बनाने की योजना पर काम कर रहा है। अभी यह पाइपलाइन लाल सागर में स्थित यानबू (Yanbu) बंदरगाह तक तेल पहुंचाती है और अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है। खाड़ी देशों के ऊर्जा अधिकारियों का कहना है कि वे अब ईरान के नियंत्रण वाले रास्तों पर निर्भर नहीं रह सकते। इस संकट के समय में नई पाइपलाइनों का निर्माण सबसे जरूरी काम बन गया है।
| देश का नाम | वर्तमान क्षमता/स्थिति | नया प्रस्तावित कदम |
|---|---|---|
| सऊदी अरब | 70 लाख बैरल प्रतिदिन | ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का विस्तार |
| UAE | 17 लाख बैरल प्रतिदिन | फुजैराह कॉरिडोर में 15 लाख बैरल की नई लाइन |
| इजरायल | हाइफा बंदरगाह | सऊदी के साथ व्यापारिक रूट का प्रस्ताव |
| IMEC प्रोजेक्ट | नया कॉरिडोर | भारत को यूरोप से जोड़ने की योजना |
आम आदमी और भारतीय प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय कामगारों और वहां की कंपनियों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। तेल निर्यात के लिए सुरक्षित और नए रास्तों का मतलब है कि दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में अचानक उछाल आने का खतरा कम होगा। अगर तेल की सप्लाई बाधित होती है तो इसका सीधा असर खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों की नौकरियों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
- सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने इस पाइपलाइन को मौजूदा संकट में सबसे अहम रास्ता बताया है।
- कतर, कुवैत और इराक जैसे देश भी अब सऊदी के रास्ते नए पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स पर चर्चा कर रहे हैं।
- इन प्रोजेक्ट्स के जरिए खाड़ी देश सीधे लाल सागर और भूमध्य सागर तक पहुंचना चाहते हैं।
- नई पाइपलाइनों के निर्माण से आने वाले समय में निर्माण क्षेत्र में रोजगार के मौके बढ़ सकते हैं।




