28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध ने खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की तरफ से अब तक GCC यानी खाड़ी सहयोग परिषद के देशों पर लगभग 6000 मिसाइल और ड्रोन दागे गए हैं। इस तनाव के कारण सऊदी अरब, UAE और कुवैत जैसे देशों के नागरिक इलाकों और तेल कंपनियों को निशाना बनाया गया है। इससे वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर काफी असर पड़ रहा है।

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खाड़ी देशों के कौन से इलाकों पर हुआ हमला?

ईरान की तरफ से दागे गए ये मिसाइल और ड्रोन अलग-अलग खाड़ी देशों की सीमाओं में गिरे हैं। इसमें मुख्य रूप से रिहायशी इलाके, हवाई अड्डे, तेल शोधन कारखाने और पानी साफ करने वाले प्लांट शामिल हैं। 29 मार्च 2026 को कुवैत में एक वाटर प्लांट पर हमला हुआ जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। सऊदी अरब और UAE के कई शहरों में भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि इन हमलों से नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

युद्ध से जुड़ी बड़ी बातें और अब तक का नुकसान

इस युद्ध के दौरान अब तक कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। ईरान का कहना है कि वह केवल उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जो सैन्य गतिविधियों में शामिल हैं, लेकिन असल में हमले रिहायशी इलाकों तक पहुँच रहे हैं।

  • ईरान ने अब तक GCC देशों की तरफ करीब 6000 मिसाइल और ड्रोन दागे हैं
  • अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के 13,000 ठिकानों पर हमला किया है
  • कुवैत के वाटर प्लांट पर हमले में एक मौत की पुष्टि हुई है
  • नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम ने तुर्की के ऊपर एक ईरानी मिसाइल को मार गिराया
  • अमेरिकी नौसेना ने अब तक ईरान के करीब 150 जहाजों को नष्ट किया है
  • हिजबुल्ला ने इजरायली ठिकानों पर 65 से ज्यादा हमले किए हैं

हमलों का मुख्य निशाना और सुरक्षा की स्थिति

खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है क्योंकि हमलों का दायरा बढ़ता जा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और सऊदी अरब सहित कई देशों ने इन हमलों की निंदा की है।

प्रभावित क्षेत्र टारगेट का प्रकार
GCC देश सऊदी, UAE, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान
नुकसान तेल प्लांट, एयरपोर्ट, और वीआईपी इलाके
मुख्य दल अमेरिका, इजरायल और ईरानी सेना

ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस जंग में खाड़ी देशों की संप्रभुता का उल्लंघन हो रहा है। खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों ने रियाद में बैठक की है और इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय दूतावास और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।