Operation Epic Fury: ट्रंप ने कहा अभी Strait of Hormuz में रहेगी अमेरिकी सेना, मिशन खत्म होने पर सस्ता होगा तेल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जानकारी दी है कि अमेरिकी सेना अभी Strait of Hormuz में तैनात रहेगी। उन्होंने साफ किया कि वह अभी सेना हटाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन भविष्य में सहयोगी देशों को इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की ताकत काफी कम हो गई है और वहां सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इस सैन्य कार्रवाई का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।
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ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के मुख्य उद्देश्य और ताजा स्थिति क्या है?
Operation Epic Fury की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर की थी। इस मिशन का मुख्य मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करना और उसकी मिसाइल बनाने की शक्ति को रोकना है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि वे ईरान की नौसेना को पूरी तरह निष्क्रिय करना चाहते हैं ताकि समुद्री रास्तों पर खतरा कम हो सके। पेंटागन की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान के दौरान अब तक 349 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि यह ऑपरेशन अपनी तय समय सीमा से दो हफ्ते आगे चल रहा है।
आम जनता और तेल की कीमतों पर इस फैसले का क्या असर होगा?
अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें फिलहाल 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं, जिससे आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने उम्मीद जताई है कि सैन्य मिशन खत्म होते ही तेल के दामों में बड़ी गिरावट आएगी। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल की सप्लाई Strait of Hormuz के जरिए ही होती है। ट्रम्प ने अन्य देशों को चेतावनी दी है कि वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या फिर खुद इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा में अपना योगदान दें।
| महत्वपूर्ण जानकारी | विवरण |
|---|---|
| अभियान का नाम | Operation Epic Fury |
| शुरुआत की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| तेल की मौजूदा कीमत | 4 डॉलर प्रति गैलन से अधिक |
| घायल अमेरिकी सैनिक | 349 (31 मार्च 2026 तक) |
| मुख्य लक्ष्य | ईरान की परमाणु और सैन्य शक्ति को खत्म करना |




