ईरान और हिजबुल्लाह ने मिलकर इजरायल के Haifa शहर पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। 30 मार्च 2026 को हुए इस हमले में हाइफा की Bazan ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई और काला धुआं फैल गया। इस युद्ध जैसे हालात का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ा है, जहां कुवैत और दुबई जैसे इलाकों में मिसाइलें गिरने की खबरें आई हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा की स्थिति अब चिंता का विषय बनी हुई है।

🗞️: Haifa Oil Refinery Attack: इज़राइल की हाइफा रिफाइनरी पर गिरी ईरानी मिसाइल, भीषण आग और धुएं के बीच कई लोग घायल

हाइफा और खाड़ी देशों में हुए नुकसान की जानकारी

इजरायली सेना (IDF) और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस हमले से हाइफा में एक औद्योगिक इमारत और एक रिहायशी घर को नुकसान पहुंचा है। कुवैत में एक वाटर प्लांट पर हुए हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई और 10 सैनिक घायल हुए हैं। इसके अलावा सऊदी अरब, बहरीन और दुबई में भी मिसाइलें गिरने की रिपोर्ट मिली है।

  • Haifa की Bazan रिफाइनरी के एक तेल टैंकर पर सीधा हमला हुआ जिससे भारी आग लगी।
  • इजरायल के पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि रिफाइनरी के टैंक में आग है लेकिन आबादी को फिलहाल खतरा नहीं है।
  • Shfaram इलाके में भी मिसाइल गिरने से कुछ लोग घायल हुए हैं।
  • Bazan कंपनी के शेयरों में इस घटना के बाद 2.5% की गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और मुख्य अपडेट्स

इस हमले के जवाब में अमेरिकी वायुसेना ने ईरान की राजधानी Tehran में हथियारों के उत्पादन वाले ठिकानों पर भारी बमबारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने संघर्ष विराम नहीं किया और होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को नहीं खोला, तो उसके ऊर्जा संसाधनों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।

क्षेत्र घटना का विवरण
Haifa, Israel तेल रिफाइनरी पर सीधा हमला और आग
Kuwait वाटर प्लांट पर हमला, 1 मौत और 10 घायल
Tehran, Iran अमेरिका ने 80 से ज्यादा बम गिराए
UAE, Saudi मिसाइल हमलों की खबरें और अलर्ट जारी

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और प्रभावित इलाकों में जाने से बचें। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण विमान सेवाओं और यात्रा नियमों पर भी असर पड़ सकता है।