Haifa Oil Refinery Attack: इज़राइल की हाइफा रिफाइनरी पर गिरी ईरानी मिसाइल, भीषण आग और धुएं के बीच कई लोग घायल
सोमवार 30 मार्च 2026 को इज़राइल के हाइफा शहर में स्थित बाज़ान (Bazan) ऑयल रिफाइनरी पर बड़ा हमला हुआ। इस हमले के बाद रिफाइनरी के टैंकों में भीषण आग लग गई और पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया। इज़राइली सेना ने पुष्टि की है कि यह हमला ईरान की तरफ से दागी गई नई मिसाइलों की वजह से हुआ है। घटना के तुरंत बाद बचाव और राहत दल को मौके पर तैनात किया गया है और रिफाइनरी के आसपास के इलाके को खाली कराया गया है।
हमले में क्या हुआ और कितना नुकसान हुआ?
हाइफा रिफाइनरी पर हुए इस हमले में जान-माल का काफी नुकसान होने की खबरें हैं। इज़राइल की फायर एंड रेस्क्यू सर्विस ने आग में घिरे एक बड़े सिलेंडर के आकार के टैंक की तस्वीरें जारी की हैं। मगन डेविड एडम (Magen David Adom) इमरजेंसी सेवा ने बताया है कि रिफाइनरी में दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत बहुत गंभीर है। इस बड़े संघर्ष की वजह से पिछले 24 घंटों के दौरान कुल 232 घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मुख्य घटनाक्रम
इस हमले के बाद दुनिया भर के देशों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच भी जुबानी जंग तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- Donald Trump की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर जल्द ही कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के तेल के कुओं, बिजली घरों और खर्ग द्वीप को तबाह कर देगा।
- स्पेन का बड़ा कदम: स्पेन की रक्षा मंत्री ने एलान किया है कि उन्होंने ईरान के साथ जारी इस संघर्ष में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
- कुवैत में हमला: ईरान की सेना ने इज़राइल पर कुवैत के एक डिसेलिनेशन प्लांट (पानी साफ करने का केंद्र) पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है।
- ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है और वे परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से हटने पर विचार कर रहे हैं।
लेबनान सीमा पर भी तनाव जारी है जहाँ हिज़बुल्लाह के एंटी-टैंक मिसाइल हमले में एक इज़राइली सैनिक की मौत हो गई है। जवाब में इज़राइल ने बेरूत में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि उड़ानों और सुरक्षा नियमों में कभी भी बदलाव किए जा सकते हैं।




