Iran का UAE और Kuwait के सैन्य ठिकानों पर हमला, Al-Minhad और Ali Al Salem बेस को बनाया निशाना
ईरान और खाड़ी देशों के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने दावा किया है कि उनकी नौसेना ने मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर UAE के Al-Minhad बेस और कुवैत के Ali Al Salem एयर बेस के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है। हालांकि इन हमलों में हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आई हैं। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ी खबर है क्योंकि इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं।
Al-Minhad एयर बेस पर हमले का क्या हुआ असर?
UAE के दुबई से करीब 15 मील दक्षिण में स्थित Al-Minhad एयर बेस को 18 मार्च 2026 को निशाना बनाया गया। ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि इस हमले में उनके क्षेत्र के एक रिहायशी ब्लॉक और मेडिकल सुविधा को मामूली नुकसान हुआ है। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी सैनिक के घायल होने की खबर नहीं है। इस बेस पर ऑस्ट्रेलिया के अलावा ब्रिटेन और अमेरिकी सेना के जवान भी मौजूद रहते हैं।
Kuwait के Ali Al Salem बेस में कितना नुकसान हुआ?
कुवैत स्थित Ali Al Salem एयर बेस पर 14 मार्च से 16 मार्च 2026 के बीच कई हमले किए गए। इटली के डिफेंस स्टाफ के प्रमुख के अनुसार एक ड्रोन हमले में बेस के अंदर मौजूद इटली के रिमोट से चलने वाले विमान को नुकसान पहुंचा है। इसके जवाब में कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने 17 मार्च को ईरान की ओर से आए कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। ईरान की ओर से किए गए इन हमलों की संख्या काफी बड़ी बताई जा रही है।
हमलों का पैमाना और सुरक्षा स्थिति
| विवरण | डेटा और स्थिति |
|---|---|
| कुल ड्रोन हमले | 1,672 हमले दर्ज किए गए |
| कुल बैलिस्टिक मिसाइलें | 314 मिसाइलें दागी गईं |
| UAE का इंटरसेप्शन रेट | 90 प्रतिशत हमले नाकाम किए गए |
| UAE पर कुल हमले | पहले हफ्ते में लगभग 1,700 मिसाइल/ड्रोन |
| मृत हताहत | किसी भी जवान के घायल होने की पुष्टि नहीं |
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेेशकियन ने बयान दिया है कि उनका देश अपने पड़ोसियों के साथ युद्ध नहीं चाहता है। इसके बावजूद मार्च के महीने में खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल हमलों की संख्या काफी अधिक रही है। कुवैत और UAE की सरकारों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को अलर्ट पर रखा है ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी हमले को रोका जा सके।




