ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात NATO डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया है. तुर्की (Turkiye) के रक्षा मंत्रालय ने 9 मार्च 2026 को इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है. मिसाइल का मलबा तुर्की के Gaziantep इलाके में गिरा है. इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है.

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तुर्की और NATO ने कैसे किया बचाव?

तुर्की के रक्षा मंत्रालय (MSB) के अनुसार मिसाइल इराक और सीरिया के एयरस्पेस से होते हुए आ रही थी. इसे समय रहते पूर्वी भूमध्य सागर में नष्ट कर दिया गया. इस डिफेंस सिस्टम में अमेरिका के नेवल शिप भी शामिल थे जो NATO के आर्किटेक्चर का हिस्सा हैं. मिसाइल नष्ट होने के बाद इसके टुकड़े Gaziantep और Dörtyol (Hatay) के खाली इलाकों में गिरे. एहतियात के तौर पर तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में अपने F-16 फाइटर जेट्स और अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं. तुर्की सरकार ने इस मामले को लेकर तेहरान के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है.

आम लोगों और फ्लाइट्स पर क्या हुआ असर?

इस पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है. ईरान ने कहा है कि उनका इरादा अपने पड़ोसी देश को निशाना बनाने का नहीं था और वह पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हैं. दूसरी तरफ, इस घटना का सीधा असर इकॉनमी और सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. इसके साथ ही Turkish Airlines ने मिडिल ईस्ट के कई देशों के लिए अपनी फ्लाइट्स रोक दी हैं जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.