Iran Nuclear Plant Attack: ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर इसराइल का हमला, यज़्द और अराक में भारी नुकसान, IAEA ने दी चेतावनी.
ईरान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. इसराइल की सेना ने ईरान के Yazd में स्थित Yellowcake उत्पादन प्लांट और Arak के भारी पानी प्लांट पर बड़े हमले की जिम्मेदारी ली है. ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी (AEOI) ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला मार्च के आखिरी हफ्ते में हुआ था जिसकी पुष्टि अब आधिकारिक बयानों के जरिए की गई है.
हमले में कहां कितना नुकसान हुआ और अधिकारियों का क्या कहना है?
इसराइल ने दावा किया है कि Ardakan Yellowcake उत्पादन प्लांट पर हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए एक बड़ा झटका है. यह प्लांट यूरेनियम संवर्धन प्रक्रिया के लिए जरूरी कच्चा माल तैयार करता था. इसके साथ ही Arak स्थित Shahid Khondab कॉम्प्लेक्स पर भी हमला किया गया है जिसे प्लूटोनियम उत्पादन के लिए अहम माना जाता है. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र को लिखे पत्र में चेतावनी दी है कि इस तरह के हमलों से रेडियोधर्मी रिसाव का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है और ईरान इसका कड़ा जवाब देगा.
घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी और ताज़ा स्थिति
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि हमले के बाद Arak का प्लांट अब चालू रहने की स्थिति में नहीं है. हालांकि राहत की बात यह है कि हमले के समय वहां कोई परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी, इसलिए तत्काल कोई विकिरण का खतरा नहीं पाया गया है. नीचे दी गई तालिका में हमले से जुड़ी प्रमुख जानकारियां दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| हमले की तारीख | 27 मार्च, 2026 |
| प्रभावित जगह | Yazd और Arak, Iran |
| हमले की जिम्मेदारी | Israeli Military |
| IAEA की पुष्टि | 29 मार्च को भारी नुकसान की पुष्टि की गई |
| कैजुअलिटी | किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है |
हालिया अपडेट के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को भी यज़्द के बाहरी इलाके में एक और हमले की खबर मिली है. क्षेत्र में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण खाड़ी देशों में भी चिंता का माहौल है. IAEA के महानिदेशक Rafael Mariano Grossi ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की बड़ी परमाणु दुर्घटना को टाला जा सके. ईरान ने इस मामले में अमेरिका और इसराइल दोनों को जिम्मेदार ठहराया है.




