अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने एक अहम जानकारी दी है कि ईरान पर लगे तेल प्रतिबंध हटने से एशिया को बहुत फायदा होगा। उनके बयान के मुताबिक, अगर प्रतिबंध हटाए जाते हैं तो एशिया के देशों को कुछ ही दिनों के भीतर तेल की सप्लाई मिलने लगेगी। इस फैसले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और उपलब्धता पर पड़ सकता है।

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ईरान के तेल प्रतिबंध हटने से क्या बदलाव आएंगे?

अमेरिकी ऊर्जा सचिव का कहना है कि प्रतिबंधों में ढील मिलते ही तेल की आपूर्ति का रास्ता साफ हो जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के पास पहले से ही काफी मात्रा में कच्चा तेल तैयार है जिसे तुरंत भेजा जा सकता है। इससे एशिया के बड़े देशों जैसे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी। इस कदम को ग्लोबल मार्केट में तेल की कमी को दूर करने के लिए एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।

तेल सप्लाई और बाजार पर पड़ने वाला असर

  • ईरान के पास लगभग 140 मिलियन बैरल कच्चे तेल का स्टॉक मौजूद है।
  • प्रतिबंध हटने के मात्र 10 से 14 दिनों के भीतर तेल मार्केट में पहुंच सकता है।
  • सप्लाई बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें स्थिर होने की उम्मीद है।
  • भारत और चीन जैसे बड़े आयातक देशों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।

आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कंट्रोल करने में काफी मदद मिल सकती है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले से जुड़ी प्रक्रियाओं पर नजर रखी जा रही है। अगर यह सप्लाई जल्द शुरू होती है, तो एशिया के बाजारों में ऊर्जा संकट की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com