ईरान ने पेंट से ज़मीन पर बनाया नकली हेलीकॉप्टर, इज़राइल ने लाखों की मिसाइल मारकर किया बर्बाद
इज़राइल और ईरान के बीच चल रही जंग में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इज़राइल की महंगी और हाई-टेक मिसाइलों को बर्बाद करने के लिए एक सस्ता और देसी तरीका निकाला है। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने ज़मीन पर सिर्फ पेंट की मदद से एक ‘नकली हेलीकॉप्टर’ की तस्वीर बनाई, जिसे सैटेलाइट और मिसाइल असली समझ बैठे। इस धोखे में इज़राइल ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी करोड़ों की मिसाइल एक मामूली पेंटिंग पर बर्बाद हो गई।
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कैसे पकड़ा गया ईरान का यह ‘पेंट वाला धोखा’?
यह मामला 4 मार्च 2026 का है, जब इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में थर्मल कैमरे के जरिए एक ईरानी Mi-17 हेलीकॉप्टर को निशाना बनाते हुए दिखाया गया था। लेकिन जब रक्षा विशेषज्ञों और पैट्रिशिया मारिन्स जैसे एनालिस्ट ने इस वीडियो को गौर से देखा, तो कुछ अजीब नज़र आया।
एक्सपर्ट्स ने बताया कि मिसाइल लगने के बाद उस ‘हेलीकॉप्टर’ का कोई रोटर (पंखा) नहीं टूटा और न ही उसमें कोई बड़ा धमाका हुआ, जैसा अक्सर ईंधन से भरे हेलीकॉप्टर में होता है। जानकारों का कहना है कि यह असल में डामर की सड़क पर बनाया गया एक ‘3D एनामोर्फिक डिकॉय’ (Anamorphic Decoy) था। इसे इस तरह पेंट किया गया था कि ऊपर से देखने पर या सैटेलाइट कैमरों में यह बिल्कुल असली खड़ा हुआ हेलीकॉप्टर जैसा दिखे।
चंद रुपयों के पेंट के सामने करोड़ों की मिसाइल फेल
इस घटना ने युद्ध में पैसों की बर्बादी पर भी बहस छेड़ दी है। एक तरफ ईरान का यह नकली पेंट वाला सिस्टम है, जिसे बनाने में मुश्किल से कुछ डॉलर या थोड़ा सा पेंट लगा होगा। वहीं दूसरी तरफ, उसे नष्ट करने के लिए इज़राइल ने जो सटीक मिसाइलें इस्तेमाल कीं, उनकी कीमत आसमान छूती है।
- डेविड स्लिंग (David’s Sling): इस सिस्टम की एक इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत करीब 7 लाख से 10 लाख डॉलर (करोड़ों रुपये) होती है।
- Arrow-3: इसके एक लॉन्च का खर्चा करीब 20 से 40 लाख डॉलर तक आता है।
- F-35 फाइटर जेट: इसे उड़ाने का खर्च ही लगभग 10,000 डॉलर प्रति घंटा है।
ईरानी सैन्य सूत्रों का कहना है कि यह उनकी एक रणनीति है ताकि सस्ते तरीकों से दुश्मन के महंगे हथियार खत्म करवाए जा सकें। रिपोर्ट्स यह भी हैं कि ईरान ने F-14 फाइटर जेट्स के भी ऐसे ही नकली थर्मल पेंट वाले मॉडल बनाए हैं।
खाड़ी देशों तक पहुंची हमले की आंच
6 मार्च 2026 तक यह जंग और भी खतरनाक रूप ले चुकी है। ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के सातवें दिन इज़राइल ने तेहरान और बेरूत पर हमले तेज़ कर दिए हैं। वहीं, इसका असर अब आसपास के खाड़ी देशों (Gulf Countries) पर भी दिख रहा है।
ताजा जानकारी के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में न सिर्फ तेल अवीव पर मिसाइलें दागी हैं, बल्कि सऊदी अरब, कुवैत, कतर और बहरीन की तरफ भी जवाबी हमले किए हैं। अमेरिका भी इस लड़ाई में कूद पड़ा है और अमेरिकी नेवी ने समुद्र में ईरान के एक ड्रोन कैरियर को निशाना बनाया है। खाड़ी में रहने वाले लोगों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।




