मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने बड़ी कूटनीतिक पहल की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान से 2 हफ्ते के लिए युद्ध विराम की अपील की है। सऊदी न्यूज के हवाले से खबर है कि ईरान इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए (IRNA) ने अस्थायी शांति के प्रस्ताव को ठुकराने की बात भी कही है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी डेडलाइन को आखिरी बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है।

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पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान का क्या है रुख?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान के लिए दी गई डेडलाइन को 2 हफ्ते आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। पाकिस्तान चाहता है कि ईरान सद्भावना दिखाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को कुछ समय के लिए खोल दे। रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान के अंदर इस फैसले को लेकर मतभेद हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडरों पर आरोप लगाया है कि उनकी वजह से शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंच रहा है। ईरान फिलहाल 10 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव दे रहा है जिसमें प्रतिबंध हटाने और युद्ध के स्थायी समाधान की मांग की गई है।

अमेरिका और अन्य देशों की इस पर क्या है स्थिति?

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसकी डेडलाइन आज रात यानी 7 अप्रैल 2026 को खत्म हो रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान का प्रस्ताव काफी नहीं है और वे किसी भी समय सीमा को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से समुद्री रास्तों और व्यापार पर सीधा असर पड़ता है। चीन, मिस्र और तुर्की जैसे देश भी शांति की कोशिशों में जुटे हुए हैं और पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन कर रहे हैं।

पक्ष वर्तमान स्थिति
पाकिस्तान 2 हफ्ते के युद्ध विराम का प्रस्ताव दिया
ईरान स्थायी अंत और सुरक्षा की गारंटी चाहता है
अमेरिका ट्रंप की डेडलाइन आज रात खत्म होगी
सऊदी न्यूज ईरान प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार कर रहा है