कुवैत पर ईरान का बड़ा हमला, मिसाइल और ड्रोन से रिहायशी इलाकों को बनाया निशाना, सरकार ने जारी किए सख्त आदेश.
कुवैत में पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान की तरफ से किए गए हमलों के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रधानमंत्री Sheikh Ahmad Al-Abdullah Al-Sabah की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में इन हमलों की कड़ी निंदा की गई। इन हमलों में रिहायशी इलाकों, बिजली-पानी के प्लांट और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया है। सरकार ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा है और आम जनता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
हमलों में कहां हुआ नुकसान और क्या है ताजा हालात?
ईरान की तरफ से हुए इन हमलों में कुवैत के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुँचा है। रिहायशी इलाकों के साथ-साथ तेल रिफाइनरी और बिजली घरों पर भी ड्रोन और मिसाइलें गिरी हैं। हमलों की मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
- उत्तरी कुवैत के रिहायशी इलाके में हमला होने से 6 लोग घायल हुए हैं।
- KNPC की तेल रिफाइनरी और बिजली-पानी के प्लांट में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है।
- Ali al-Salem बेस पर ड्रोन हमले में 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
- कुवैती सेना ने पिछले 24 घंटों में 17 ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों का पता लगाया है।
- गृह मंत्रालय को अलग-अलग जगहों से मलबे गिरने की 59 रिपोर्ट मिली हैं।
आम जनता और प्रवासियों के लिए क्या है सरकारी आदेश?
कुवैत कैबिनेट ने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा बलों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। सरकार ने अफवाहों से बचने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कुछ नियम बताए हैं:
| विषय | नियम और जानकारी |
|---|---|
| सोशल मीडिया | हमले वाली जगहों की फोटो या वीडियो शेयर करना मना है। |
| अफवाहें | किसी भी अपुष्ट खबर या अफवाह को न फैलाएं, कानूनी कार्रवाई हो सकती है। |
| सुरक्षा बल | रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और नेशनल गार्ड के निर्देशों का पालन करें। |
| तैयारी | देश में जरूरी सामानों की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए अलर्ट लेवल बढ़ाया गया है। |
| विदेशी मदद | ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कुवैत की सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने का वादा किया है। |
विदेशी मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कुवैत के क्राउन प्रिंस और अमीर को ब्रिटेन के किंग और प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान पूरा समर्थन मिला है। सरकार ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से मिलने वाली खबरों पर ही भरोसा करें।




