ईरान ने फिलीपींस को एक बड़ी राहत देते हुए Strait of Hormuz से उसके तेल जहाजों और मालवाहक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का भरोसा दिया है। 2 अप्रैल 2026 को हुई एक आधिकारिक बातचीत में ईरान ने स्पष्ट किया कि फिलीपींस के झंडे वाले जहाजों, ऊर्जा स्रोतों और फिलिपिनो नाविकों को बिना किसी रुकावट के वहां से गुजरने दिया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब फिलीपींस अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित था।

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ईरान और फिलीपींस के बीच क्या समझौता हुआ है?

फिलीपींस की विदेश सचिव Ma. Theresa Lazaro और ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi के बीच हुई फोन कॉल के दौरान यह महत्वपूर्ण आश्वासन मिला। फिलीपींस के विदेश विभाग (DFA) ने पुष्टि की है कि ईरान अब फिलीपींस के तेल और उर्वरक ले जाने वाले जहाजों को ‘तेज़ और सुरक्षित’ रास्ता देगा। इस समझौते की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान ने फिलीपींस को ‘गैर-शत्रु देश’ के रूप में मान्यता देने के अनुरोध को स्वीकार किया है।
  • फिलीपींस के झंडे वाले सभी जहाजों को बिना किसी बाधा के गुजरने की अनुमति होगी।
  • जहाजों पर काम करने वाले सभी फिलिपिनो चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा की गारंटी दी गई है।
  • यह समझौता 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जा रहा है।

इस फैसले का फिलीपींस की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?

फिलीपींस अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सबसे ज्यादा मिडिल ईस्ट के देशों पर निर्भर रहता है। फरवरी के अंत से Strait of Hormuz में ईरान की तरफ से लगाए गए ब्लॉकड के कारण फिलीपींस में ऊर्जा संकट पैदा हो गया था और देश में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी की घोषणा करनी पड़ी थी। राष्ट्रपति Ferdinand R. Marcos Jr. के निर्देशों के बाद विदेश मंत्रालय ने ईरानी अधिकारियों से संपर्क किया ताकि तेल की सप्लाई चेन को टूटने से बचाया जा सके।

अधिकारी का नाम पद भूमिका
Ma. Theresa Lazaro विदेश सचिव ईरान के साथ बातचीत का नेतृत्व किया
Abbas Araghchi ईरानी विदेश मंत्री सुरक्षित मार्ग का आश्वासन दिया
Sharon Garin ऊर्जा सचिव ऊर्जा सुरक्षा के लिए बैठक में शामिल रहीं
Yousef Esmaeilzadeh ईरानी राजदूत औपचारिक अनुरोध प्राप्त किया

अब इस आश्वासन के बाद मिडिल ईस्ट से फिलीपींस आने वाले तेल और खाद की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। यह कदम न केवल फिलीपींस के लिए बल्कि वैश्विक तेल बाजार के लिए भी स्थिरता लाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि इससे एक प्रमुख आपूर्ति मार्ग पर तनाव कम होगा।