ईरान के राष्ट्रपति ने मांगी माफी, सऊदी और UAE पर अब नहीं होंगे मिसाइल हमले
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने खाड़ी देशों में हुए हालिया हमलों के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांग ली है। 8 मार्च 2026 को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि ईरान का अपने पड़ोसियों से कोई झगड़ा नहीं है और पिछली घटनाएं गलती थीं। सरकार ने अब एक नया नियम बनाया है जिसके तहत पड़ोसी देशों पर मिसाइल या ड्रोन से हमले पूरी तरह रोक दिए गए हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।
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पड़ोसी देशों के लिए बदला नियम
ईरान की अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने सेना को सख्त निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी पड़ोसी देश को निशाना नहीं बनाया जाएगा। राष्ट्रपति ने साफ किया कि जब तक किसी पड़ोसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होगा, तब तक वहां कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह फैसला सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कतर में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा की गारंटी जैसा है, जो पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे।
अमेरिका और इजरायल पर क्या बोले राष्ट्रपति?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई सिर्फ अमेरिका और इजरायल के साथ है, न कि स्थानीय अरब देशों के साथ। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस माफी को दबाव का नतीजा बताया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब कमजोर पड़ रहा है और अगर गलत व्यवहार जारी रहा तो उस पर और सख्ती की जाएगी। वहीं इजरायल की सेना अभी भी तेहरान और बेरुत में अपने ऑपरेशन चला रही है।
हमलों से कितना हुआ था नुकसान?
पिछले 24 घंटों में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 से 7 मार्च के बीच हुए हमलों ने कई जगहों पर असर डाला था। ताजा आंकड़ों के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- कतर और यूएई में हुए हमलों में 3 लोगों की जान गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए।
- हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेल कंपनियों की सुरक्षा अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
- उत्तरी इराक के तेल क्षेत्रों में काम कुछ समय के लिए रुका था।
- इस पूरे संघर्ष में अब तक ईरान में 1230 और इजरायल में 11 लोगों के मारे जाने की खबर है।




