Iran President ने मांगी माफी, सऊदी और UAE पर हमले को बताया गलती, अब नहीं चलेंगे मिसाइल
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने सऊदी अरब, UAE और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांग ली है। शनिवार को टीवी पर जारी एक बयान में उन्होंने स्वीकार किया कि यह हमले सेना के भीतर ‘गलतफहमी’ और कमांड में आई कमी की वजह से हुए थे। इसके साथ ही ईरान ने अपने पड़ोसी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तुरंत प्रभाव से रोकने का फैसला किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद है।
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माफी में क्या कहा राष्ट्रपति ने?
राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने साफ शब्दों में कहा, ‘मैं अपनी और ईरान की ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं, जिन पर ईरान की तरफ से हमले हुए।’ उन्होंने बताया कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद बनी स्थितियों में कुछ गलतफहमियां हुई थीं। अब ईरान की ‘अंतरिम लीडरशिप काउंसिल’ ने फैसला लिया है कि खाड़ी देशों के खिलाफ मिसाइल हमले नहीं किए जाएंगे। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने पड़ोसियों के साथ शांति चाहता है।
दुबई एयरपोर्ट और उड़ानों पर क्या असर पड़ा था?
इन हमलों का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और यात्रियों पर पड़ा था। शनिवार की सुबह हुए ड्रोन हमलों के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) को अपना कामकाज कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। हालात को देखते हुए Emirates एयरलाइन ने भी अपनी सेवाएं सस्पेंड कर दी थीं। इसके अलावा सऊदी अरब के शायबाह तेल क्षेत्र और बहरीन में भी हमले की खबरें आई थीं। अब माफी और सीजफायर के ऐलान के बाद उड़ानों और कामकाज के सामान्य होने की उम्मीद है।
किन शर्तों पर रोके गए हैं हमले?
ईरान ने हमले रोकने का ऐलान तो किया है, लेकिन इसके साथ एक शर्त भी रखी है। राष्ट्रपति ने कहा कि पड़ोसी देशों पर तब तक कोई मिसाइल नहीं दागी जाएगी, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर हमला नहीं होता। इसे ‘रिटर्न फायर ओनली’ पॉलिसी का नाम दिया गया है। हालांकि, अमेरिका और इजरायल के लिए ईरान का रुख अभी भी सख्त है। राष्ट्रपति ने कहा कि दुश्मनों के सामने सरेंडर करना एक सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, इस हफ्ते चले संघर्ष में ईरान में 1,230 और लेबनान में 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है।





