ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका और अन्य देशों के साथ बातचीत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी गरिमा और सम्मान के साथ बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रपति ने साफ़ किया कि देश की सैन्य जीत को अब कूटनीति के ज़रिए और मज़बूत करने की ज़रूरत है।

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ईरान के सामने बातचीत के कौन से विकल्प हैं?

President Pezeshkian ने बताया कि ईरान के पास मौजूदा क्षेत्रीय तनाव से निपटने के लिए तीन रास्ते हैं। पहला रास्ता गरिमा और मज़बूती के साथ बातचीत करना है ताकि राष्ट्रीय अधिकारों को सुरक्षित किया जा सके। दूसरा रास्ता न युद्ध और न शांति की स्थिति बनाए रखना है और तीसरा रास्ता टकराव और संघर्ष को जारी रखना है।

उन्होंने साफ़ किया कि समझदारी इसी में है कि सैन्य जीत को बातचीत से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी बातचीत ईरान के अधिकारों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए होगी, इसका मतलब आत्मसमर्पण करना बिल्कुल नहीं है।

अमेरिका से क्या मांगें हैं और अन्य देशों से क्या बात हुई?

ईरान ने अमेरिका से अपनी एकतरफा सोच छोड़ने को कहा है। तेहरान की मांग है कि युद्ध खत्म हो, नाकाबंदी हटाई जाए, समुद्री डकैती जैसी गतिविधियों पर रोक लगे और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस मिले। राष्ट्रपति Pezeshkian ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से फोन पर बात की और अमेरिका पर दबाव और प्रतिबंधों के ज़रिए कूटनीति को खराब करने का आरोप लगाया।

इसके अलावा उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री Sanae Takaichi से भी बात की और कहा कि अगर अमेरिका अपनी अधिकतम दबाव वाली नीति छोड़ेगा, तभी ईरान डिप्लोमेसी के लिए तैयार होगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान अपने वादों को निभाएगा अगर समझौता देश के सर्वोच्च नेता और जनता के हितों के अनुकूल हुआ।

भारत और BRICS सम्मेलन का क्या संबंध है?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह खबर भी सामने आई है कि ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi 14 से 15 मई तक भारत में होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हो सकते हैं। यह कदम क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान की कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है?

राष्ट्रपति Pezeshkian ने कहा है कि बातचीत केवल गरिमा और सम्मान के साथ होगी। ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी धमकियों और प्रतिबंधों वाली नीति को बंद करे और ईरान की जायज़ मांगों को स्वीकार करे।

ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान की प्रमुख मांगों में युद्ध का अंत, नाकाबंदी हटाना, समुद्री डकैती रोकना और अपनी जमी हुई संपत्तियों को वापस पाना शामिल है।