ईरानी राष्ट्रपति का बड़ा बयान, बोले अमेरिका और इज़राइल की आक्रामकता रुकने पर ही आएगी शांति
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने क्षेत्रीय शांति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जब तक अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद नहीं होती, तब तक इलाके में अमन बहाल होना मुमकिन नहीं है। पेजेशक्यान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान यह बातें साझा कीं। उन्होंने साफ किया कि ईरान ने इस संघर्ष की शुरुआत नहीं की थी, बल्कि वह केवल अपने बचाव में कदम उठा रहा है।
पीएम मोदी के साथ बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने पीएम नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय रिश्तों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल बिना किसी कानूनी आधार के ईरान पर हमले कर रहे हैं। पेजेशक्यान ने पीएम मोदी को बताया कि इन हमलों में आम नागरिकों और बच्चों की जान जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के मुस्लिम देशों से अपील की कि वे अपने मतभेद भूलकर एक साथ आएं। राष्ट्रपति के अनुसार इज़राइल ही इन आपसी मतभेदों का सबसे बड़ा फायदा उठाने वाला पक्ष है।
क्षेत्रीय संघर्ष और अब तक हुए नुकसान का क्या है हिसाब?
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से दोनों तरफ जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। ईरान ने अमेरिकी बेस और इज़राइली क्षेत्रों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर यह हमले जारी रहे तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया को इसके नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर भी हमला हुआ है, हालांकि वहां किसी तरह के रेडिएशन का खतरा नहीं पाया गया है।
| प्रभावित देश/इकाई | मौतों की संख्या |
|---|---|
| ईरान | 1300 से ज़्यादा |
| लेबनान | 1000 से ज़्यादा |
| इज़राइल | 15 |
| अमेरिकी सैन्य बल | 13 |
ईरानी राष्ट्रपति ने एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे का प्रस्ताव भी रखा है। उनका मानना है कि पश्चिम एशियाई देशों को बाहरी हस्तक्षेप के बिना अपनी सुरक्षा खुद संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के लिए अंतरराष्ट्रीय निगरानी और बातचीत के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन अपनी संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं करेगा।




