ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने तेहरान इमरजेंसी सेंटर के दौरे के दौरान अमेरिका और इसराइल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया कि दुनिया के किस कानून के तहत उनके देश पर हमले किए गए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है।

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राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने किन बातों पर सवाल उठाए?

राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में ईरान के अधिकारों को पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि स्कूलों, अस्पतालों और बच्चों जैसे आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, मानवता की बात करने वाले देश ही ईरान के महत्वपूर्ण केंद्रों और आम लोगों पर हमले कर रहे हैं।

अमेरिका की नाकाबंदी और बातचीत का क्या अपडेट है?

15 अप्रैल 2026 को अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया कि ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी गई है। इस कदम से ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह रुक गया है। हालांकि, इस्लामाबाद में हुई पहली बातचीत के बाद अब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत होने की संभावना है।

ईरान का रुख और अंतरराष्ट्रीय कानून

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने साफ किया कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि ईरान केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर ही चर्चा करेगा। इससे पहले मार्च में उन्होंने पड़ोसी देशों से भी माफी मांगी थी जिनके इलाके में ईरानी मिसाइलें गिरी थीं।