Iran President Masoud Pezeshkian बोले पड़ोसियों से नहीं चाहते जंग, Gulf देशों में US बेस पर हमलों को बताया मजबूरी
ईरान के राष्ट्रपति मसऊद पेजेशक्यान ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ किसी भी तरह के युद्ध में शामिल नहीं होना चाहता है। उन्होंने वर्तमान तनाव के लिए पूरी तरह से अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया। राष्ट्रपति ने कहा कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले केवल तभी होते हैं जब उन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जाता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
ईरान ने क्यों किए खाड़ी देशों में हमले?
ईरान ने हाल के दिनों में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों को जायज ठहराया है। ईरानी सरकार के अनुसार, यदि अमेरिका या इजराइल पड़ोसी देशों की जमीन का उपयोग ईरान पर हमला करने के लिए करेंगे, तो वह उसका कड़ा जवाब देंगे। ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत निम्नलिखित स्थानों पर हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है:
- Qatar में स्थित Al Udeid Air Base पर हमले
- UAE के Al Dhafra Air Base को बनाया गया निशाना
- Bahrain में मौजूद अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर स्ट्राइक
- सऊदी अरब और कुवैत द्वारा मिसाइलें और ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की रिपोर्ट
शांति बहाली के लिए ईरान की तीन प्रमुख शर्तें
राष्ट्रपति पेजेशक्यान ने युद्ध को समाप्त करने और क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दे। इसके अलावा, युद्ध के दौरान हुए नुकसान का हर्जाना और भविष्य में ईरान पर हमले न होने की पुख्ता गारंटी भी मांगी गई है। उन्होंने उन पड़ोसी देशों से माफी भी मांगी है जो गलती से इन हमलों की चपेट में आ गए।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर असर
15 से 20 मार्च 2026 के बीच हुई हमलों की ताजा लहर ने Gulf देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के बीच हलचल पैदा कर दी है। विशेष रूप से ऊर्जा बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों के पास रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। हालांकि, UAE और सऊदी अरब जैसे देशों ने अपने डिफेंस सिस्टम के जरिए अधिकांश खतरों को टाल दिया है, लेकिन ईरान का यह रुख बताता है कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।




