ईरान ने किया ऐलान, Trump के दावे को किया खारिज, कहा अमेरिका से नहीं होगी बातचीत और 5 साल तक लड़ेंगे युद्ध
ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में मौजूद प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान बातचीत करना चाहता है. ANI को दिए एक इंटरव्यू में इलाही ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी दबाव में अमेरिका से बातचीत नहीं करेगा और अपने सम्मान की रक्षा के लिए 5 साल तक युद्ध जारी रख सकता है.
Trump का दावा और ईरान का कड़ा जवाब
Donald Trump ने 13 मार्च 2026 को दावा किया था कि ईरान पूरी तरह हार चुका है और अब समझौता करना चाहता है. इसके जवाब में 14 मार्च को ईरान के प्रतिनिधि ने इसे सिरे से नकार दिया. इलाही ने बताया कि ईरान पहले ही ओमान के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा था, लेकिन उसी दौरान अमेरिका और इजरायल ने हमले शुरू कर दिए.
ईरान का कहना है कि जब तक हमले बंद नहीं होते, प्रतिबंध नहीं हटाए जाते और उनके सम्मान का ध्यान नहीं रखा जाता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. 28 फरवरी को अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद शुरू हुए इस युद्ध के लिए ईरान ने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है.
भारतीय जहाजों को मिली खास छूट
हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत के साथ अपनी दोस्ती को देखते हुए खास रियायत दी है. इस युद्ध का असर भारत और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है.
- सुरक्षित रास्ता: ईरान ने दो भारतीय LPG कैरियर जहाजों (Shivalik और Nanda Devi) को सुरक्षित गुजरने की इजाजत दी है. इन जहाजों में 92,700 MT ईंधन मौजूद है.
- भारतीयों की जान गई: विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि इस संघर्ष में अब तक 5 भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक व्यक्ति लापता है.
- तेल के दाम: क्षेत्र में तनाव और रास्तों की पाबंदी के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई है.
Kharg Island पर हमले का सच
अमेरिका ने दावा किया था कि उसने ईरान के अहम तेल हब Kharg Island पर बमबारी करके सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है. दूसरी तरफ, ईरान की मीडिया (IRNA) ने इन दावों को गलत बताया है. ईरान के अनुसार उनके तेल निर्यात की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है और किसी भी तेल सुविधा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. ईरान ने साफ किया है कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर समुद्री रास्तों को बंद नहीं किया है.




