ईरानी विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि आज के समय में कोई भी देश ईरान के साथ सीधे युद्ध में उतरने की हिम्मत नहीं रखता। ईरान ने अमेरिका की तरफ से दिए गए 15 सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अरागची के अनुसार ईरान अब बातचीत के बजाय प्रतिरोध की नीति पर आगे बढ़ेगा।

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ईरान के विदेश मंत्री के बयान की मुख्य बातें क्या हैं?

विदेश मंत्री ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ सीधे बातचीत नहीं कर रहा है और न ही इसकी कोई योजना है। उन्होंने साफ किया कि जो संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है वह केवल मध्यस्थों के जरिए है। ईरान का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) केवल दुश्मन देशों के जहाजों के लिए बंद है। अरागची ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर हमले हुए तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने जर्मनी के राष्ट्रपति द्वारा अमेरिकी और इजरायली हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताने वाले बयान की सराहना की है।

मौजूदा विवाद और क्षेत्र पर इसका असर

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह केवल सीजफायर नहीं बल्कि युद्ध का पूरी तरह अंत चाहता है जिसमें प्रतिबंधों को हटाना शामिल हो। इस तनाव के बीच ईरान की तरफ से इजरायल और खाड़ी के कुछ इलाकों में हमले जारी हैं। 25 मार्च 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले की खबर मिली है। ईरान ने अपनी शर्तों पर ही युद्ध खत्म करने की बात कही है और शांति के लिए चीन जैसे देशों से भी संपर्क में है।

देश या संस्था ताजा स्थिति
United States मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी में है
Kuwait इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ
China शांति वार्ता और बातचीत के जरिए समाधान की अपील की
Pakistan & Egypt ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं