US-Iran Conflict: डोनाल्ड ट्रम्प शनिवार को कर सकते हैं युद्ध विराम का ऐलान, ईरान ने रखी अपनी शर्तें
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकने की दिशा में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। इजरायली चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आगामी शनिवार को ईरान के साथ युद्ध विराम (Ceasefire) का ऐलान कर सकते हैं। व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, भले ही ईरान ने शुरुआती अमेरिकी प्रस्तावों पर असहमति जताई हो। इस संभावित फैसले का सीधा असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मुख्य बातें क्या हैं?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि चर्चा जारी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बातचीत के लिए तैयार हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्रीय युद्ध विराम का एक प्रस्ताव भेजा था। डोनाल्ड ट्रम्प का मानना है कि शांति समझौता जल्द ही हो जाएगा और युद्ध लगभग समाप्त हो चुका है। हालांकि, इजरायल ने इस बात पर चिंता जताई है कि अमेरिका बिना किसी ठोस समझौते के जल्दबाजी में युद्ध विराम का ऐलान कर सकता है।
- ट्रम्प शनिवार 28 मार्च 2026 को युद्ध विराम की घोषणा कर सकते हैं।
- अमेरिका ने पहले ईरानी बिजली घरों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए रोक दिया था।
- पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में एक बिचौलिए (Intermediary) के तौर पर काम कर रहा है।
- व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान अब बातचीत की मेज पर आने को तैयार दिख रहा है।
ईरान की शर्तें और खाड़ी देशों पर क्या होगा असर?
ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव को खारिज करते हुए इसे अवास्तविक बताया है। इसके जवाब में ईरान ने अपना 5 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिसमें युद्ध के नुकसान का मुआवजा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पूर्ण अधिकार जैसी मांगें शामिल हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह खबर राहत भरी हो सकती है क्योंकि पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहे हैं। शांति होने से खाड़ी में व्यापार और यात्रा सुरक्षित हो सकेगी।
| विषय | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| ईरान का रुख | अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर अपना 5 सूत्रीय प्लान दिया |
| क्षेत्रीय स्थिति | इजरायल और खाड़ी देशों पर ड्रोन हमले अब भी जारी हैं |
| अमेरिकी सेना | क्षेत्र में अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की खबरें हैं |
| शांति प्रयास | मिस्र और संयुक्त राष्ट्र भी विवाद सुलझाने की कोशिश में जुटे हैं |




