अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास समय बहुत कम बचा है, जिस पर ईरान ने पलटवार किया है। इस खींचतान के बीच खाड़ी देशों में हलचल बढ़ गई है और दुनिया की नज़रें अब शांति समझौते पर टिकी हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के लिए ‘घड़ी टिक-टिक कर रही है’ और उन्हें जल्दी कदम उठाने चाहिए, वरना उनके पास कुछ नहीं बचेगा। ट्रंप ने Axios को दिए इंटरव्यू में यह भी कहा कि ईरान वहां नहीं है जहां अमेरिका उन्हें देखना चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बात नहीं बनी तो ईरान पर पहले से कहीं ज़्यादा कड़ा हमला हो सकता है। ट्रंप ने ईरान के पिछले प्रस्ताव को ‘कचरा’ और ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया था।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या जवाब दिया?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने ट्रंप की बातों का जवाब देते हुए कहा कि तेहरान की मांगें ज़िम्मेदार और उदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन ने अब तक कोई ठोस राहत नहीं दी है और वह सिर्फ अपनी पुरानी अधूरी मांगों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है। Baghaei ने अमेरिका पर यह झूठ फैलाने का आरोप लगाया कि वह वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में शांति बनाए रखना चाहता है, जबकि असल में अमेरिका और इज़राइल की युद्धप्रिय हरकतों की वजह से ही इलाके में अस्थिरता आई है।

शांति समझौते के लिए दोनों पक्षों की शर्तें क्या हैं?

दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है लेकिन शर्तें बहुत कठिन हैं। ईरान चाहता है कि सभी मोर्चों पर लड़ाई रुके, अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी हटाए और भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी दे। साथ ही, ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी संप्रभुता चाहता है और युद्ध के नुकसान के लिए मुआवज़ा मांग रहा है।

दूसरी ओर, अमेरिका की शर्तें काफी सख्त हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा यूरेनियम सौंप दे और अपनी परमाणु गतिविधियों को सिर्फ एक केंद्र तक सीमित रखे। इसके अलावा, अमेरिका ईरान को कोई मुआवज़ा देने और उसकी जमी हुई संपत्ति का बहुत कम हिस्सा वापस करने की बात कर रहा है। इस बीच, UAE के एक परमाणु संयंत्र में ड्रोन हमले से लगी आग ने तनाव को और बढ़ा दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर है, जिसमें इज़राइल और लेबनान में जारी सैन्य गतिविधियां भी शामिल हैं।

क्या इस तनाव का असर खाड़ी देशों पर पड़ रहा है?

हाँ, इस तनाव के कारण क्षेत्र में अस्थिरता है। हाल ही में UAE के एक परमाणु संयंत्र में ड्रोन हमले से आग लगी थी, जिससे खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।