ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक नया शांति प्रस्ताव पेश किया गया है. ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ नाम के इस प्लान पर ईरान ने अपना रुख साफ़ कर दिया है. ईरान का कहना है कि वह केवल अस्थायी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है, बल्कि उसे अपनी अर्थव्यवस्था पर लगी पाबंदियों से पूरी तरह छुटकारा चाहिए. इस बीच अमेरिका ने तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए कुछ राहत देने के संकेत भी दिए हैं.

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शांति प्रस्ताव की मुख्य बातें और ईरान की शर्तें

पाकिस्तान ने जो प्रस्ताव दिया है उसमें दो चरण शामिल हैं. पहले चरण में तुरंत युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को खोलने की बात कही गई है. दूसरे चरण में बाकी मुद्दों पर बातचीत होनी है. ईरान ने साफ़ किया है कि वह अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा. ईरान की मुख्य शर्तें नीचे दी गई टेबल में विस्तार से बताई गई हैं:

क्रम संख्या ईरान की मुख्य मांगें
1 ईरान पर लगी सभी आर्थिक पाबंदियां पूरी तरह हटाई जाएं.
2 युद्ध में हुए नुकसान के लिए उचित मुआवज़ा दिया जाए.
3 सभी मोर्चों पर चल रही जंग और हमलों को तुरंत रोका जाए.
4 भविष्य में युद्ध न होने की ठोस कानूनी गारंटी दी जाए.
5 स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता को स्वीकार किया जाए.

तेल की कीमतों और खाड़ी देशों पर इसका असर

मिडिल ईस्ट में शांति की इन कोशिशों का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है. अमेरिका ने हाल ही में 19 अप्रैल 2026 तक के लिए ईरानी तेल पर से कुछ पाबंदियां हटाई हैं ताकि ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम कम हो सकें. अगर ईरान और अमेरिका के बीच यह समझौता सफल होता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा खाड़ी देशों (Gulf Countries) में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों को मिलेगा. युद्ध रुकने से व्यापार बढ़ेगा और सुरक्षित माहौल बनेगा. वर्तमान में ईरान इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है और उसने साफ़ कर दिया है कि वह किसी भी धमकी या दबाव में आकर समझौता नहीं करेगा.

  • पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान इस पूरे मामले में मुख्य मध्यस्थ (Mediator) के रूप में काम कर रहा है.
  • अमेरिका का रुख: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम इस नए समझौते के जरिए इलाके में शांति बहाल करना चाहती है.
  • ताज़ा स्थिति: 6 अप्रैल 2026 तक ईरान ने अपना आधिकारिक जवाब भेज दिया है और अब अमेरिका के अगले कदम का इंतज़ार है.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.