ईरान के मीनाब में करीब तीन महीने पहले एक स्कूल पर हुए हवाई हमले के बाद पीड़ित परिवार आज भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं। इस हमले में लगभग 156 बच्चों और स्कूल स्टाफ की मौत हो गई थी। ईरान ने इस घटना को युद्ध अपराध घोषित किया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित परिवारों का दर्द आज भी कम नहीं हुआ है और वे न्याय का इंतजार कर रहे हैं।

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मीनाब स्कूल हमले में क्या हुआ था और कितने लोगों की जान गई?

28 फरवरी 2026 को ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मीनाब में शजरेह तैयबा एलिमेंट्री स्कूल पर भीषण हवाई हमला हुआ था। इस हमले में मुख्य रूप से 7 से 12 साल की लगभग 156 से 175 स्कूली छात्राएं और स्कूल स्टाफ मारे गए थे। इसके अलावा लगभग 95 से 100 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। ईरान ने पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने के लिए ‘168+1’ नाम से एक विशेष अभियान भी शुरू किया है।

अमेरिकी सेना और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का इस हमले पर क्या कहना है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुरुआत में दावा किया था कि यह स्कूल एक एक्टिव आईआरजीसी मिसाइल बेस के पास स्थित था, जिससे स्थिति काफी जटिल हो गई थी। हालांकि, बाद में अमेरिकी सैन्य जांच में इसे पुरानी खुफिया जानकारी के आधार पर हुई एक बड़ी गलती माना गया। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क, यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले पर गहरा दुख जताया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के मीनाब स्कूल पर हमला कब हुआ था?

यह हमला 28 फरवरी 2026 को दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मीनाब शहर में स्थित शजरेह तैयबा एलिमेंट्री स्कूल पर हुआ था।

इस हमले में कुल कितने लोगों की जान गई थी?

इस हवाई हमले में लगभग 156 से 175 स्कूली बच्चे और स्टाफ मारे गए थे, जबकि 95 से 100 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

अमेरिका ने इस हमले को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया है?

अमेरिकी सेना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हमला पुरानी खुफिया जानकारी के आधार पर हुई एक बड़ी गलती का नतीजा था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.