ईरान ने खाड़ी में गिराया अमेरिका का लड़ाकू विमान, A-10 विमान पानी में डूबा, अमेरिकी सेना ने भी की पुष्टि
ईरान की सेना ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए अमेरिका के लड़ाकू विमान A-10 को खाड़ी के पानी में गिराने का दावा किया है। इस खबर के सामने आते ही खाड़ी क्षेत्र में हलचल काफी तेज हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके दो सैन्य विमान ईरान की फायरिंग की वजह से गिर गए हैं। यह घटना 3 अप्रैल 2026 की है और इस तनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
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ईरान और अमेरिका के बीच कैसे शुरू हुई यह जंग?
ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी A-10 विमान को निशाना बनाया। इस हमले के बाद विमान सीधे खाड़ी के पानी में जा गिरा। अमेरिका की तरफ से आए बयान में कहा गया है कि उनके दो विमान, F-15E और A-10 Warthog, इस कार्रवाई में नष्ट हुए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी इस पूरी घटना की जानकारी दे दी गई है और अमेरिकी सेना अब इस इलाके में काफी सतर्क हो गई है।
पायलटों को बचाने के लिए चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
अमेरिकी विमानों के गिरने के बाद बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। इस काम में इजरायल की सेना भी अमेरिका की मदद कर रही है। राहत की बात यह रही कि A-10 विमान का पायलट कुवैत के हवाई क्षेत्र में सुरक्षित उतरने में कामयाब रहा, जहां उसे बचा लिया गया है। हालांकि F-15E विमान के एक क्रू मेंबर की तलाश अभी भी जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिका के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी फायरिंग हुई है, जिसमें कुछ सैनिकों के घायल होने की खबर है।
- विमान का नाम: A-10 Warthog और F-15E
- घटना की जगह: होर्मुज जलडमरूमध्य और दक्षिण-पश्चिम ईरान
- पायलट की स्थिति: A-10 पायलट सुरक्षित, एक अन्य लापता
- ईरान का ऐलान: विदेशी पायलट की जानकारी देने वाले को इनाम का वादा
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार उनकी सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध पायलट की तलाश करें और उसकी जानकारी प्रशासन को दें। इससे पहले मार्च महीने में भी इस तरह के दावे किए गए थे लेकिन तब अमेरिका ने उन्हें खारिज कर दिया था। अब अमेरिका द्वारा खुद इस नुकसान की पुष्टि करने से स्थिति काफी गंभीर हो गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी चिंताजनक है क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।




