3 अप्रैल 2026 को ईरान ने अमेरिका के एक F-15E लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। इस घटना के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस हमले का ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि ट्रंप को विमान के गिरने और रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी गई है।

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अमेरिकी विमान गिरने और रेस्क्यू मिशन की पूरी जानकारी

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार F-15E विमान के एक क्रू मेंबर को अमेरिकी सेना ने सुरक्षित बचा लिया है। दूसरे क्रू मेंबर की तलाश के लिए अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। इस बचाव कार्य के दौरान एक और अमेरिकी लड़ाकू विमान A-10 वारथोग भी ईरानी हमले की चपेट में आ गया, जिसके बाद उसके पायलट को फारस की खाड़ी के ऊपर सुरक्षित बाहर निकलना पड़ा। ईरान ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए कहा है कि उन्होंने एक नए एयर डिफेंस सिस्टम का पहली बार सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता पर क्या है असर

  • अमेरिका और ईरान के बीच साल 2025 से ही परमाणु शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है।
  • 3 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय देशों द्वारा कराई जा रही शांति की कोशिशें किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुँच सकीं।
  • रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पिछले कुछ हफ्तों से दावा किया था कि ईरान का डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नष्ट हो चुका है, लेकिन इस घटना ने उनके दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक बातचीत का रास्ता भी खुला रखना चाहते हैं।
  • ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने इस घटना के बाद अमेरिका का मज़ाक उड़ाया है और वहां के टीवी पर अमेरिकी क्रू को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया गया है।
Sushma Kumari

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