ईरान ने अमेरिका का विमान मार गिराया, Strait of Hormuz में तनाव बढ़ा, कुवैत और सऊदी पर भी हुआ हमला.
खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। 3 अप्रैल 2026 को ईरान ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिका के एक A-10 विमान को मार गिराया है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि उनका एक F-15E लड़ाकू विमान और एक A-10 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और इसका असर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ?
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, एक F-15E लड़ाकू विमान ईरान के ऊपर मार गिराया गया था। इस विमान के दो क्रू मेंबर्स में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश अभी जारी है। वहीं, Strait of Hormuz के पास एक A-10 Thunderbolt II विमान भी क्रैश हुआ, जिसका पायलट सुरक्षित बचा लिया गया है। ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उन्होंने एक और F-35 विमान को भी निशाना बनाया है। इस घटना के बाद ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के युद्धविराम के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है।
खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ा?
ईरान ने केवल अमेरिकी विमानों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि क्षेत्रीय देशों पर भी हमले किए हैं। कुवैत में एक तेल रिफाइनरी और पानी साफ करने वाले प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि सुरक्षा स्थिति बिगड़ने से काम और यात्रा पर असर पड़ सकता है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही 90% तक कम हो गई है।
- ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से युआन (Yuan) में पेमेंट मांग रहा है।
- सऊदी अरब, यूएई और बहरीन में भी मिसाइल और ड्रोन हमले दर्ज किए गए हैं।
- इजरायल इस संकट के दौरान अमेरिका की मदद कर रहा है और ईरान पर हवाई हमले जारी रखे हुए है।
अहम जानकारी और मौजूदा स्थिति
| देश या संस्था | ताज़ा स्थिति |
|---|---|
| अमेरिका | F-15E और A-10 विमान का नुकसान हुआ |
| ईरान | विमान गिराने की जिम्मेदारी ली और टैक्स लागू किया |
| कुवैत | रिफाइनरी और वाटर प्लांट पर हमला हुआ |
| WHO | तेहरान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमलों की रिपोर्ट दी |
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मुद्दे पर चर्चा करने वाली थी, लेकिन बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस स्थिति पर बयान देते हुए तेल संसाधनों पर नियंत्रण की बात कही है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार करने वालों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है क्योंकि प्रमुख समुद्री रास्ता लगभग बंद होने की कगार पर है और केवल गिने-चुने देशों के जहाजों को ही निकलने दिया जा रहा है।




