ईरान ने Strait of Hormuz को फिर किया बंद, $2 मिलियन का लगेगा टोल टैक्स, तेल की कीमतों में आया उछाल.
Strait of Hormuz में फिर से तनाव बढ़ने की खबरें आ रही हैं। ईरान और अमेरिका के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते के बावजूद इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इस समुद्री रास्ते को फिर से नियंत्रित करना शुरू कर दिया है। इससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर संकट मंडरा रहा है और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी देखी गई है।
🗞️: Gulf देशों को सता रहा है डर, अमेरिका और ईरान की डील से हॉर्मुज की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता.।
ईरान की नई शर्तें और जहाजों पर टोल टैक्स का असर
ईरान की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को अब अनुमति लेनी होगी। ईरान ने इस रास्ते पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए नियम बनाए हैं जिनका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ेगा।
- समुद्री माइन्स का खतरा: ईरान की IRGC ने एक नक्शा जारी कर संकेत दिया है कि इस रास्ते में माइन्स बिछाई गई हैं, जो जहाजों के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
- भारी भरकम टोल: ईरान ने चुनिंदा जहाजों के लिए लगभग 2 मिलियन डॉलर का ट्रांजिट शुल्क यानी टोल टैक्स वसूलने की योजना बनाई है।
- सुरक्षा जांच: IRGC ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इसराइल के जहाजों के लिए पुरानी स्थिति कभी वापस नहीं आएगी और उनकी कड़ी जांच होगी।
- दोस्त देशों को राहत: भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को कुछ रियायतें या विशेष परमिट मिलने की उम्मीद है।
अमेरिका का जवाब और ग्लोबल शिपिंग का हाल
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने ईरान के इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। अमेरिका का कहना है कि युद्धविराम के नियमों के हिसाब से यह रास्ता बिना किसी टोल और बिना किसी रोक-टोक के खुला रहना चाहिए। इस बीच, बड़ी शिपिंग कंपनियां स्थिति साफ होने का इंतजार कर रही हैं और कई जहाजों ने अपने रास्ते बदल दिए हैं।
| महत्वपूर्ण घटना | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| युद्धविराम की स्थिति | अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नाजुक मोड़ पर |
| तेल की कीमतें | तनाव के चलते मार्केट में फिर से उछाल |
| शांति वार्ता | ईरानी डेलीगेशन पाकिस्तान के दौरे पर |
| शिपिंग कंपनियाँ | Hapag-Lloyd और MSC जैसी कंपनियां सतर्क |
ईरान ने इसराइल द्वारा लेबनान में किए गए हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। इसी वजह से उसने इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग पर फिर से पाबंदियां लगाने की कोशिश की है। फिलहाल समुद्र में जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन सुरक्षित रास्ता निकालने के लिए बातचीत कर रहा है।





