ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े धमाके, गल्फ देशों पर भी दागी मिसाइलें, कुवैत और यूएई में मची अफरातफरी.
तेहरान के उत्तरी इलाके जमशीदिए में हुए धमाकों ने लोगों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है। 3 अप्रैल 2026 की शुरुआत से ही ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच सैन्य टकराव काफी बढ़ गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि इसका सीधा असर सुरक्षा और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। कुवैत और यूएई जैसे देशों में भी महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
📰: इजराइल ने ईरान पर किए 70 से ज्यादा हमले, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को किया तबाह, भारी नुकसान का दावा।
खाड़ी देशों और क्षेत्र में क्या नुकसान हुआ है?
ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों के कारण कई खाड़ी देशों में अलर्ट जारी किया गया है। इन हमलों का असर पानी और ऊर्जा सप्लाई करने वाले केंद्रों पर भी पड़ा है। नीचे दी गई तालिका में प्रभावित इलाकों की जानकारी दी गई है:
| देश या इलाका | घटना की जानकारी |
|---|---|
| कुवैत | पानी साफ करने वाले प्लांट को नुकसान और रिफाइनरी में आग लगी |
| UAE (यूएई) | मिसाइल का मलबा गिरने के बाद गैस फील्ड को बंद किया गया |
| बहरीन | एक दिन में करीब 16 ईरानी ड्रोन मार गिराए गए |
| सऊदी अरब | सऊदी सेना ने ईरान से आ रहे कई ड्रोनों को नष्ट किया |
| तेहरान (ईरान) | जमशीदिए में धमाके और कराज पुल पर हवाई हमला हुआ |
| कतर | कतर एनर्जी के तेल टैंकर ‘Aqua 1’ पर समुद्र में हमला |
अमेरिका की चेतावनी और अन्य देशों का क्या रुख है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए 48 घंटे के भीतर Strait of Hormuz को खोलने के लिए कहा है। यदि ईरान ऐसा नहीं करता है, तो अमेरिका ने उसके पावर प्लांट को निशाना बनाने की बात कही है। दूसरी तरफ सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने ईरान पर क्षेत्रीय हमलों और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है और शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है।
- ईरान ने धमकी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह अमेरिकी और इसराइली एनर्जी ठिकानों को तबाह कर देगा।
- फ्रांस के राष्ट्रपति ने नागरिक सुविधाओं जैसे पानी और बिजली के केंद्रों पर हमले रोकने की अपील की है।
- बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उन्हें अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
- ईरान में हुए हमलों में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिरने की भी खबर है जिसमें एक क्रू मेंबर को बचाया गया है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और बार-बार यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे ताज़ा अपडेट पर नज़र रखें क्योंकि इन हमलों की वजह से उड़ान सेवाओं और वीज़ा नियमों पर भी असर पड़ सकता है। सऊदी अरब और अन्य गल्फ देशों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएंगे।




