Iran Britain Tension: ईरान ने ब्रिटेन को दी चेतावनी, कहा- हमारे खिलाफ अमेरिकी हमले में बेस दिया तो माना जाएगा हमला
ईरान और ब्रिटेन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर से फोन पर बातचीत के दौरान अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ईरान का कहना है कि ब्रिटेन अमेरिका और इज़राइल की ओर से की जा रही आक्रामकता पर पक्षपाती रुख अपना रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत जवाबी कार्रवाई का अधिकार रखता है।
ईरान ने ब्रिटिश सैन्य अड्डों को लेकर क्या कहा?
ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके खिलाफ किसी भी ब्रिटिश सैन्य अड्डे का इस्तेमाल करता है, तो इसे ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होना माना जाएगा। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि इसे दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने पड़ोसी देशों को भी आगाह किया कि उनके यहां स्थित अमेरिकी अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए हो रहा है। ईरान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार इन देशों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी धरती से होने वाले हमलों को रोकें।
क्षेत्र में हालिया संघर्ष की क्या स्थिति है?
ईरान और इज़राइल के बीच तनाव अब समुद्र और रिफाइनरियों तक पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में हुई मुख्य घटनाओं की जानकारी नीचे दी गई है:
| घटना | विवरण |
|---|---|
| IRGC जनरल की मौत | ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी की अमेरिकी-इज़राइली हमले में मौत हुई |
| कुवैत रिफाइनरी हमला | मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से आग लगने की खबर |
| मिसाइल हमला | ईरान ने तेल अवीव और अमेरिकी अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन दागे |
| कैस्पियन सागर संघर्ष | इज़राइल ने कैस्पियन सागर तट पर स्थित नूर क्षेत्र में हमले शुरू किए |
| गैस प्लांट हमला | ईरान ने दक्षिण पार्स गैस प्लांट पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की |
पश्चिमी देशों ने ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे हमलों की आलोचना की है। वहीं ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि हमलावरों को किसी भी तरह की मदद देना तनाव को और बढ़ाएगा। ईरान ने कहा कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।




