Iran UAE Conflict: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में UAE की शिकायत की, अमेरिकी हमलों में मदद का लगाया आरोप
ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र (UN) दूत आमिर सईद इरावानी ने औपचारिक रूप से सुरक्षा परिषद को सूचित किया है कि UAE अपनी ज़मीन का इस्तेमाल अमेरिका को हमले करने के लिए दे रहा है। ईरान ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत कृत्य बताया है और इसके लिए UAE को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजे की मांग की है।
ईरान ने UAE पर क्या गंभीर आरोप लगाए हैं?
ईरान के दूत आमिर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखकर UAE के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। ईरान का दावा है कि UAE की धरती से अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ सैन्य गतिविधियों को अंजाम दे रही है।
- ईरान के अनुसार, किसी देश की ज़मीन का इस्तेमाल हमले के लिए होने देना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
- ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर किसी सैन्य बेस या सुविधा का इस्तेमाल उस पर हमले के लिए किया जाता है, तो वह उसे जायज़ सैन्य निशाना मानकर जवाबी कार्रवाई करेगा।
- ईरानी विदेश मंत्री ने भी पहले आरोप लगाया था कि खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर हमले के लिए UAE के क्षेत्र का इस्तेमाल हुआ था।
- ईरान का कहना है कि उसे हुए सभी नुकसान के लिए मुआवजा मिलना चाहिए।
UAE का इस पर क्या जवाब है और क्या है मौजूदा स्थिति?
UAE ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने इन दावों को गलत और निराधार बताया है। UAE का कहना है कि वह आत्मरक्षा के अपने अधिकार को प्राथमिकता देता है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए संयम बरत रहा है।
| घटना का प्रकार | आंकड़े (18 मार्च 2026 तक) |
|---|---|
| इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन | 1,699 |
| बैलिस्टिक मिसाइलें रोकी गईं | 327 |
| क्रूज मिसाइलें रोकी गईं | 15 |
| 18 मार्च को दागे गए ड्रोन | 27 |
ईरानी मीडिया ने यह भी धमकी दी है कि वह कतर, सऊदी अरब और UAE के तेल और गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। विशेष रूप से UAE के अल हसन गैस फील्ड (Al Hasan Gas Field) का नाम लिया गया है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।




