Iran-US Ceasefire Talks: विमान की खाली सीटों पर रखे बच्चों के सामान, ईरान ने अमेरिका और इजराइल को याद दिलाया मिनाब स्कूल का दर्द
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में विमान की खाली सीटों पर मिनाब के उन स्कूली बच्चों की तस्वीरें और उनका सामान रखा गया था जो हमलों में मारे गए थे। यह कदम उस समय उठाया गया है जब ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में संघर्ष विराम के लिए उच्च-स्तरीय बातचीत चल रही है।
मिनाब स्कूल हमले में क्या हुआ था और कितने लोग मारे गए?
28 फरवरी 2026 को मिनाब के शाहरक-ए अल-महदी इलाके में स्थित शजरह तय्यबेह गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ था। इसे 2026 ईरान युद्ध का पहला दिन माना गया। इस हमले में भारी तबाही हुई और बड़ी संख्या में मासूम बच्चों की जान गई।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल हताहत | 165 से 175 लोग |
| कुल बच्चे | 100 से अधिक |
| लड़कों की संख्या | 66 |
| लड़कियों की संख्या | 54 |
| शिक्षक और अभिभावक | 26 शिक्षक और 4 माता-पिता |
| बच्चों की आयु | 7 से 12 वर्ष |
इस्लामाबाद वार्ता और दोनों देशों का क्या स्टैंड है?
ईरानी प्रतिनिधिमंडल जिसे मिनाब 168 नाम दिया गया है, 11 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद पहुंचा। Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि ईरान अच्छी नीयत के साथ लेकिन अविश्वास के साथ बातचीत में शामिल हो रहा है। ईरान ने शर्त रखी है कि लेबनान में संघर्ष विराम हो और विदेशों में उसकी संपत्ति जारी की जाए।
वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि वाशिंगटन समझौते के लिए तैयार है बशर्ते ईरान सद्भाव से बात करे। पेंटागन की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि स्कूल पर हमला संभवतः अमेरिकी सेना द्वारा खुफिया गलती या पुराने डेटा की वजह से किया गया था। संयुक्त राष्ट्र और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस हमले की निंदा की है और जवाबदेही तय करने को कहा है।




