ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर, ट्रंप ने दी पत्थर युग में भेजने की धमकी, भड़के ईरान ने बताया युद्ध अपराध.
अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘पत्थर युग’ में भेजने की जो धमकी दी है, उस पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति मसूद बज़ेशकियन ने इसे सीधा युद्ध अपराध करार दिया है। 3 अप्रैल 2026 को ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर साफ किया है कि ट्रंप के ये बयान अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और रोम विधान का खुला उल्लंघन हैं।
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ट्रंप की धमकी और ईरान में हुए ताजा हमले
डोनाल्ड ट्रंप ने खुलेआम कहा है कि वह ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाएंगे और उन्हें दशकों पीछे धकेल देंगे। 3 अप्रैल को ईरान के करज इलाके में एक पुल पर हमला हुआ जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई और करीब 95 लोग घायल हुए हैं। ईरान ने इसे अपनी नागरिक सुविधाओं पर हमला बताया है। इसके अलावा बुशहर में एक सहायता केंद्र पर भी ड्रोन से हमला किया गया है।
ईरान ने दी जवाबी हमले की चेतावनी
ईरान के सैन्य अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर उनके बुनियादी ढांचे को छुआ गया, तो वे पूरे क्षेत्र में अमेरिका और इसराइल के हितों को निशाना बनाएंगे। इसमें ऊर्जा केंद्र और सैन्य ठिकाने शामिल हो सकते हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पहले ही कई अमेरिकी ठिकानों और बहरीन में रडार सिस्टम पर हमले करने का दावा किया है।
| प्रमुख घटनाक्रम | विवरण |
|---|---|
| ट्रंप की धमकी | ईरान को पत्थर युग में भेजने और बिजली घरों को उड़ाने की बात कही |
| ईरान का कानूनी कदम | संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को युद्ध अपराध की शिकायत भेजी |
| जमीनी नुकसान | करज में पुल पर हमले से 8 लोगों की मौत और 95 घायल |
| सैन्य कार्रवाई | ईरान ने अमेरिकी और इसराइली ठिकानों पर ‘मौज 92’ ऑपरेशन शुरू किया |
आम आदमी और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। अगर यह टकराव और बढ़ता है, तो क्षेत्र में ऊर्जा सप्लाई और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है। ईरान ने उन देशों को भी चेतावनी दी है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने भी ट्रंप के बयानों पर गहरी चिंता जताई है और इसे संभावित युद्ध अपराधों की श्रेणी में रखा है।




