अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बन गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। Rubio के मुताबिक ईरान की मिसाइलें सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे पड़ोसी देशों के लिए बड़ा खतरा हैं। इस बीच ईरान की तरफ से खाड़ी देशों पर किए गए हमलों ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है।
खाड़ी देशों पर हुए हमले और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी प्रशासन अब ईरान के मिलिट्री बेस, नेवी और एयर फोर्स को नष्ट करने की कार्रवाई कर रहा है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने ईरान की तरफ से दागी गई 11 मिसाइलों और 27 ड्रोन को आसमान में ही ढेर कर दिया। अमेरिका का कहना है कि अगर ईरान ने बातचीत का रास्ता नहीं चुना तो उसकी ऊर्जा संपत्तियों और मिलिट्री ठिकानों पर और भी घातक हमले किए जाएंगे।
कुवैत में भारतीय की मौत और अन्य मुख्य जानकारी
ईरान द्वारा किए गए हमलों का असर आम लोगों और प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। कुवैत में हुए हमले ने भारत के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। मुख्य घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
| जगह | घटना का विवरण |
|---|---|
| कुवैत | पावर स्टेशन पर हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हुई |
| UAE | 32 मिसाइलों और 27 ड्रोन से हमला किया गया |
| ईरान | तेहरान और इस्फ़हान के पास मिलिट्री साइट्स पर धमाके |
| NATO | तुर्की की ओर जा रही ईरानी मिसाइल को रास्ते में गिराया |
| स्पेन | अमेरिकी स्ट्राइक में शामिल विमानों के लिए रास्ता बंद किया |
ईरान ने अब अमेरिकी यूनिवर्सिटीज़ को भी निशाना बनाने की धमकी दी है, जिसके चलते बेरूत और आर्मेनिया में पढ़ाई ऑनलाइन कर दी गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए गंभीर चर्चा कर रहे हैं। वहीं खाड़ी में रहने वाले भारतीयों के लिए यह समय काफी चिंताजनक बना हुआ है क्योंकि हवाई यात्रा और सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ा है।
