US Secretary Marco Rubio Statement: ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान कुछ हफ्तों में होगा खत्म, मार्को रुबियो ने दी बड़ी जानकारी
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान में चल रहे सैन्य अभियान को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के ज्यादातर सैन्य लक्ष्य आने वाले कुछ हफ्तों के भीतर ही पूरे कर लिए जाएंगे और यह ऑपरेशन महीनों तक नहीं चलेगा। 30 मार्च 2026 को दिए गए एक इंटरव्यू में Rubio ने साफ किया कि वॉशिंगटन अपने उद्देश्यों को हासिल करने के काफी करीब पहुंच गया है। इसमें ईरान की वायुसेना, नौसेना और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाना शामिल था।
अमेरिका के मुख्य सैन्य लक्ष्य और वर्तमान स्थिति क्या है?
विदेश मंत्री Marco Rubio के अनुसार अमेरिकी सेना अपने तय समय से काफी आगे चल रही है। उन्होंने बताया कि मुख्य लक्ष्यों में ईरान की मिसाइल क्षमता को कम करना और उसकी सैन्य ताकत को कमजोर करना शामिल था। अमेरिका का मानना है कि अब वे उस स्थिति में हैं जहां से वे अपने उद्देश्यों को जल्द ही समाप्त घोषित कर सकते हैं। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत भी चल रही है। रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी पुष्टि की है कि 28 फरवरी से अब तक करीब 7,000 ठिकानों पर हमला किया गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और अन्य बड़े अपडेट्स
राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले ही ईरान में बड़े बदलाव कर दिए हैं और जल्द ही युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता हो सकता है। हालांकि, उन्होंने एक सख्त चेतावनी भी दी है कि अगर Strait of Hormuz को तुरंत नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों और तेल के कुओं पर हमला कर सकता है। नीचे दिए गए पॉइंट्स में वर्तमान स्थिति को समझा जा सकता है:
- सैनिकों की तैनाती: हजारों अमेरिकी मरीन और स्पेशल फोर्स के जवानों को मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया है।
- तेल की कीमतें: इस तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
- मध्यस्थता: पाकिस्तान इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है।
- इजराइल की भूमिका: इजराइल भी इस अभियान में अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है और लेबनान में भी हमले किए गए हैं।
- बिजली संकट: हमलों की वजह से तेहरान के कई हिस्सों में बिजली की भारी कटौती देखी गई है।
हालिया घटनाक्रम पर एक नजर
पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में काफी हलचल देखी गई है। NATO की सेनाओं ने ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल को तुर्की के हवाई क्षेत्र में रोक दिया। वहीं ईरान ने इजराइल, कुवैत और सऊदी अरब की तरफ ड्रोन हमले किए हैं। एक जांच में यह भी सामने आया है कि 28 फरवरी से 10 मार्च के बीच ईरान के कम से कम 75 सुरक्षा ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इससे यात्रा और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है।




