Iran-US Tension: ईरान और अमेरिका के बीच सुलह की कोशिशें तेज, शांति के लिए मध्यस्थों ने शुरू की बातचीत
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए राजनयिक कोशिशें तेज हो गई हैं। मंगलवार 31 मार्च 2026 को कई मध्यस्थों ने ईरानी अधिकारियों से संपर्क किया और बातचीत को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। ईरान ने साफ किया है कि वह केवल एक पक्की और गारंटी वाली शांति चाहता है, न कि कोई अस्थायी समझौता। वहीं अमेरिका की तरफ से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों को रोकने की बात कही है।
मध्यस्थों ने क्या की बात और ईरान की क्या है शर्त?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार को मध्यस्थों ने ईरान से संपर्क साधा। इस चर्चा का मुख्य हिस्सा कूटनीति को जारी रखना था। ईरान का कहना है कि उसे एक ऐसी सीजफायर चाहिए जो हमेशा के लिए युद्ध को खत्म कर दे। ईरान ने उन खबरों को गलत और निराधार बताया है जिनमें कहा गया था कि वह केवल कुछ समय के लिए शांति चाहता है। पाकिस्तान इस मामले में एक बड़े मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है और वह अमेरिका व ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। पाकिस्तान और चीन ने समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत शांति की अपील भी की है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के मुख्य बिंदु
- अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने मंगलवार को मध्यस्थों से बात की और राष्ट्रपति Trump का संदेश पहुंचाया।
- Trump ने कहा है कि अगर Strait of Hormuz को दोबारा खोल दिया जाता है, तो वे शांति के लिए तैयार हैं।
- अमेरिकी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi और संसदीय अध्यक्ष को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
- Trump के अनुसार, अमेरिका ईरान पर अपने सैन्य हमले 2 से 3 सप्ताह के भीतर खत्म कर सकता है।
- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने 1 अप्रैल से 18 अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ नई चेतावनी जारी की है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या होगा असर?
ईरान और अमेरिका के बीच अगर शांति वार्ता सफल होती है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों को होगा। समुद्री रास्तों, खासकर Strait of Hormuz के खुलने से व्यापार और तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी। इससे महंगाई कम होने और सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक कड़ी का काम कर रहा है ताकि इजरायली हिट लिस्ट से ईरानी अधिकारियों के नाम हटाए जा सकें और शांति वार्ता के लिए एक सुरक्षित माहौल बन सके।




