ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। 11 और 12 अप्रैल 2026 को चली इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। पाकिस्तान ने इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।

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अमेरिका ने क्या शर्तें रखी थीं और बातचीत क्यों विफल रही?

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व Vice President JD Vance ने किया। उन्होंने बताया कि ईरान ने अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं किया है। अमेरिका की मुख्य मांग थी कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का पक्का वादा करे और यूरेनियम का काम पूरी तरह बंद कर दे।

अमेरिका ने छह मुख्य ‘रेड लाइन्स’ तय की थीं जिसमें परमाणु सुविधाओं को खत्म करना, क्षेत्रीय शांति ढांचा अपनाना और प्रॉक्सी ग्रुप्स को फंडिंग देना बंद करना शामिल था। अमेरिका चाहता था कि Strait of Hormuz को भी पूरी तरह खोला जाए।

ईरान का क्या जवाब था और पाकिस्तान की क्या भूमिका रही?

ईरान के राजदूत Reza Amiri Moghadam ने कहा कि इस्लामाबाद की यह बातचीत कोई एक बार की घटना नहीं बल्कि एक लंबी प्रक्रिया की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अगर भरोसा बढ़ा तो यह आगे चलकर सभी के हितों के लिए अच्छा होगा।

ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि उन्हें एक ही राउंड में समझौते की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने साफ किया कि ईरान धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने दोनों देशों से 22 अप्रैल तक लागू युद्धविराम को बनाए रखने की अपील की है।

ट्रंप की धमकी और दुनिया का रिएक्शन

बातचीत नाकाम होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz की समुद्री नाकाबंदी करने की धमकी दी है। ईरान की नौसेना के चीफ Shahram Irani ने इस धमकी को बकवास बताया है।

इस तनाव के बीच रूस, फ्रांस और ओमान जैसे देशों ने शांति की अपील की है। ओमान के विदेश मंत्री ने दोनों पक्षों से कठिन फैसले लेने और समझौते करने को कहा है।

विवरण जानकारी
बातचीत की तारीख 11 और 12 अप्रैल 2026
स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
अमेरिकी नेतृत्व JD Vance
ईरानी नेतृत्व Mohammad Bagher Ghalibaf
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
मुख्य विवाद परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz
युद्धविराम की अंतिम तारीख 22 अप्रैल 2026
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.