ईरान के शिक्षा मंत्रालय ने एक ताजा रिपोर्ट जारी कर बताया है कि देश में चल रहे हमलों के कारण अब तक 281 छात्रों और शिक्षकों की जान जा चुकी है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, ये हमले पिछले एक महीने से जारी हैं। मंत्रालय के अधिकारी Hossein Sadeghi ने आंकड़ों की पुष्टि करते हुए कहा कि मरने वालों में छोटे बच्चे और रिटायर हो चुके कर्मचारी भी शामिल हैं। इन हमलों ने ईरान की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी इमारतों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है।
🗞️: Iran News: Strait of Hormuz पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण, अमेरिकी युद्धपोत को पीछे हटने पर किया मजबूर।
इन हमलों में किन-किन लोगों ने गंवाई अपनी जान?
मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 25 मार्च को यह आंकड़ा 230 था, जो अब बढ़कर 281 हो गया है। हताहतों का विवरण इस प्रकार है:
- 222 छात्रों की इन हमलों में मौत हुई है
- 4 प्री-स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों ने अपनी जान गंवाई
- 48 शिक्षकों की मौत की पुष्टि हुई है
- 7 रिटायर्ड शिक्षा कर्मचारियों की भी जान गई है
- कुल 185 छात्र और शिक्षाकर्मी इन हमलों में घायल हुए हैं
शिक्षा केंद्रों और इमारतों को कितना हुआ नुकसान?
ईरान में हवाई हमलों के कारण शैक्षिक और सांस्कृतिक ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। मंत्रालय के अनुसार कुल 789 केंद्रों को निशाना बनाया गया है। इसका विवरण नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| सुविधा का प्रकार | कुल संख्या |
|---|---|
| स्कूल | 700 |
| प्रशासनिक भवन | 40 | 30 |
| छात्र शिविर (Student Camps) | 5 |
| सांस्कृतिक और शिक्षा केंद्र | 14 |
हमलों की वर्तमान स्थिति और पृष्ठभूमि क्या है?
ईरान पर हवाई हमलों का यह सिलसिला 28 फरवरी से शुरू हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में अब तक कुल 1,340 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने भी इसके जवाब में कई क्षेत्रों में ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वालों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि सैन्य गतिविधियों का असर हवाई उड़ानों और सुरक्षा पर पड़ता है। आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
