ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि Strait of Hormuz और Persian Gulf पर अब उसका पूरी तरह से नियंत्रण है। ईरानी नौसेना के कमांडर Rear Admiral Shahram Irani ने बताया कि ईरानी सेना की कार्रवाई के कारण अमेरिकी युद्धपोत USS Abraham Lincoln को अपनी स्थिति बदलने और ईरानी समुद्री सीमा से सैकड़ों मील दूर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

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ईरानी नौसेना ने अपनी ताकत को लेकर क्या कहा?

कमांडर शाहराम ईरानी के अनुसार Strait of Hormuz का पूर्वी हिस्सा और ओमान की खाड़ी अब पूरी तरह से ईरानी सुरक्षा बलों की निगरानी में है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी मिसाइल ऑपरेशनों ने अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को निशाना बनाया था जिसके बाद वे सुरक्षित दूरी पर चले गए। ईरान का कहना है कि उनकी सेना मकरान तट के पास हर समय अलर्ट पर है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। अमेरिकी पक्ष की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

समुद्री जहाजों के आवागमन के लिए क्या हैं नए नियम?

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को स्पष्ट कर दिया है कि केवल ‘गैर-विपक्षी’ जहाज ही ईरानी अधिकारियों के समन्वय के बाद इस क्षेत्र से गुजर सकते हैं। ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने भी जलमार्ग पर नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त ईरान की संसद में एक नया कानून लाने पर भी विचार हो रहा है जिसके तहत इस रास्ते का उपयोग करने वाले जहाजों से ‘टोल’ वसूला जा सकता है।

दिनांक प्रमुख घटनाक्रम
29 मार्च 2026 ईरानी नौसेना कमांडर ने पूर्ण नियंत्रण की घोषणा की
27 मार्च 2026 IRGC ने जलमार्ग को बंद करने की चेतावनी जारी की
27 मार्च 2026 थाईलैंड का जहाज Mayuree Naree हमले के बाद जमीन पर फंसा
19 मार्च 2026 अमेरिका ने जलमार्ग खुलवाने के लिए हवाई अभियान शुरू किया

किन देशों के जहाजों को मिल रही है राहत?

ईरानी प्रशासन ने कुछ देशों के लिए रियायत बरतने के संकेत दिए हैं। चीन, भारत, रूस, इराक, पाकिस्तान और मलेशिया जैसे देशों के जहाजों को राजनयिक बातचीत और शर्तों के आधार पर रास्ता दिया जा रहा है। हालांकि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के गुजरने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। इस प्रतिबंध का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और सामानों की ढुलाई पर पड़ सकता है क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है।