ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच आम नागरिकों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 81,000 से अधिक नागरिक इकाइयों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ये हमले 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए थे और मार्च के आखिरी हफ्ते में इनकी तीव्रता काफी बढ़ गई है। मिडिल ईस्ट के कई अन्य देशों में भी इस युद्ध की वजह से अलर्ट जारी किया गया है।

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नुकसान का सरकारी आंकड़ा क्या है?

ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी के प्रमुख पीरहुसैन कोलिवंद ने डेटा साझा करते हुए बताया कि कुल 81,365 नागरिक इकाइयां प्रभावित हुई हैं। इसमें 61,555 रिहायशी घर और 19,020 व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं। तेहरान प्रांत में सबसे अधिक 24,605 घरों को नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है।

  • अस्पताल और स्कूल: हमलों में 275 मेडिकल सेंटर और 498 स्कूलों को नुकसान पहुंचा है।
  • बचाव दल: रेड क्रेसेंट के 17 केंद्र और 48 गाड़ियां जिनमें एम्बुलेंस शामिल हैं, वे भी नष्ट हो गई हैं।
  • हताहत: राहत कार्य के दौरान एक रेड क्रेसेंट कार्यकर्ता की मौत हुई है और 10 घायल हुए हैं।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: ईरान के ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पानी और बिजली के बुनियादी ढांचे को भी काफी नुकसान हुआ है।

नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz को 48 घंटों के भीतर नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट तबाह कर दिए जाएंगे। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि वे युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए बातचीत के पक्ष में हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी साफ किया है कि उनकी सेना अपने अभियान जारी रखेगी।

देश/संस्था ताजा अपडेट
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ईरानी संसद के अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के पावर प्लांट पर हमला हुआ, तो पूरे मिडिल ईस्ट के ऊर्जा संसाधन खतरे में पड़ सकते हैं। सऊदी अरब और UAE जैसे देशों ने 22 मार्च को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही रोककर अपने क्षेत्र की सुरक्षा की है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी परमाणु सुविधाओं के पास हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है।