ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका को एक ऐतिहासिक संदेश भेजते हुए रोमन सम्राट मार्कस फिलिपस का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि जब रोमन सेना ने फारस के खिलाफ चढ़ाई की थी, तब सम्राट को ईरान की शर्तों पर ही शांति समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए पर्दे के पीछे लगातार कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।
🗞️: Trump के दावे पर ईरान का पलटवार, Strait of Hormuz पर नहीं मिलेगा फ्री पैसेज, कब्जा रहेगा बरकरार.।
ईरान और अमेरिका के बीच किन मुद्दों पर हो रही है बातचीत?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि इस समय बातचीत का मुख्य उद्देश्य सभी मोर्चों पर युद्ध को समाप्त करना है, जिसमें लेबनान का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना इस समझौते के मसौदे का एक अनिवार्य हिस्सा है और इस पर ईरान का रुख बिल्कुल तय है। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान बातचीत में परमाणु मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि ईरान का पहला ध्यान युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित है।
समझौते को लेकर अमेरिकी नेताओं ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस बातचीत में कुछ प्रगति होने की बात स्वीकार की है और जल्द ही किसी बड़ी खबर की उम्मीद जताई है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने सहित कई बड़े मुद्दों पर समझौता काफी हद तक तय हो चुका है। हालांकि, ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी फार्स ने डोनाल्ड ट्रम्प के इस दावे को अधूरा और सच्चाई से अलग बताया है। ईरान का कहना है कि नए प्रस्ताव के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन ईरान के पास ही रहेगा।
मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका और आगे का रास्ता
इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने इस सिलसिले में तेहरान का दौरा किया है और ईरानी अधिकारियों के साथ बैठक की है। खबरों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मतभेद अब कम हो रहे हैं और 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर चर्चा अंतिम चरण में है, जिससे जल्द ही किसी अंतिम सहमति की उम्मीद की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के प्रवक्ता ने रोमन सम्राट का जिक्र क्यों किया?
ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका को यह संदेश देने के लिए रोमन सम्राट मार्कस फिलिपस का जिक्र किया कि इतिहास में भी रोम को ईरान की शर्तों पर ही शांति समझौता करना पड़ा था, इसलिए मौजूदा बातचीत में भी ईरान अपनी शर्तों पर झुकेगा नहीं।
क्या वर्तमान बातचीत में ईरान का परमाणु कार्यक्रम शामिल है?
नहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के इस चरण में परमाणु मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि उनका ध्यान पहले युद्ध को समाप्त करने पर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का क्या रुख है?
ईरान ने डोनाल्ड ट्रम्प के दावों को अधूरा बताते हुए स्पष्ट किया है कि उनके नए प्रस्ताव के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा प्रबंधन ईरान के नियंत्रण में ही रहेगा।
