ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोशिशें अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई हैं। ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ होने वाले किसी भी बड़े समझौते में लेबनान को शामिल करना बहुत जरूरी है। यह बात उन्होंने पाकिस्तानी मध्यस्थों को बताई है ताकि क्षेत्र में लंबे समय तक शांति बनी रहे।

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ईरान की मुख्य शर्तें और मांगें क्या हैं?

संसद स्पीकर गालिबाफ ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम ईरान के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि खुद ईरान के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में युद्धविराम होना चाहिए और ईरान की रुकी हुई संपत्ति वापस मिलनी चाहिए। ईरान का मानना है कि लेबनान में तनाव का सीधा असर अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत पर पड़ता है।

शांति प्रक्रिया के अब तक के मुख्य अपडेट

इस पूरे मामले में पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं, जिन्हें नीचे टेबल में देखा जा सकता है:

तारीख मुख्य घटना
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान और अमेरिका के बीच लेबनान सहित व्यापक युद्धविराम की घोषणा की।
10 अप्रैल 2026 गालिबाफ ने बातचीत शुरू होने से पहले संपत्ति की वापसी और लेबनान में युद्धविराम की शर्त रखी।
15 अप्रैल 2026 गालिबाफ ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम हिजबुल्ला और एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस की एकता का परिणाम होगा।
16 अप्रैल 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का ऐलान किया।
16 अप्रैल 2026 पाकिस्तानी आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir ने युद्धविराम बढ़ाने के लिए तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की।
16 अप्रैल 2026 इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने शांति समझौते की उम्मीद जताई लेकिन हिजबुल्ला की कुछ शर्तें खारिज कीं।

अमेरिका और इसराइल का इस पर क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम लागू किया है, लेकिन अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ईरान और अमेरिका की बातचीत, इसराइल और लेबनान की बातचीत से अलग है। अमेरिका का मानना है कि ईरान अब लेबनान के भविष्य को तय नहीं करेगा। वहीं, इसराइल ने कहा है कि वह युद्धविराम के दौरान केवल तब कार्रवाई करेगा जब हिजबुल्ला से कोई बड़ा खतरा महसूस होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.