ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने जानकारी दी है कि ईरान विदेशी हमलों के खिलाफ तब तक खड़ा रहेगा जब तक ज़रूरत होगी. सरकार के प्रवक्ता ने साफ़ कर दिया है कि वे किसी भी बाहरी दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं. वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने ईरान के प्रस्तावों को नाकाफी बताया है जिससे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है.

ℹ️: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बढ़ा, ट्रंप ने दिया आज रात तक का समय, ईरान के बिजली घरों पर हमले की चेतावनी.

ईरान की शांति के लिए रखी गई मुख्य शर्तें क्या हैं?

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को अपनी 10 सूत्री प्रतिक्रिया भेजी है. इसमें साफ़ तौर पर कहा गया है कि ईरान केवल युद्ध के स्थायी अंत पर ही सहमत होगा और उसे कोई भी अस्थायी युद्धविराम मंजूर नहीं है. ईरान ने अपनी मांगों में इन बातों को प्रमुखता से रखा है:

  • लेबनान पर हो रहे इसराइली हमलों को तुरंत और पूरी तरह बंद किया जाए.
  • ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाया जाए.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने का वादा.
  • युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएं.

ईरान में हुए हमले और सुरक्षा की मौजूदा स्थिति

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के कई हिस्सों में हमले हुए हैं जिनसे काफी नुकसान हुआ है. काशान में एक रेलवे ब्रिज को निशाना बनाया गया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा अमेरिका और इसराइली हमलों के कारण अल्बोर्ज़ प्रांत में बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा है जिससे कारज जैसे बड़े शहरों में बिजली गुल हो गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कुछ बड़े कदम उठाए हैं:

प्रमुख घटना स्थान और प्रभाव
रेलवे ब्रिज पर हमला काशान में 2 मौतें और 3 लोग घायल हुए
बिजली संकट अल्बोर्ज़ और कारज में पावर ग्रिड पर हमले से ब्लैकआउट
नागरिक सुरक्षा पावर प्लांट को बचाने के लिए लोगों ने बनाई मानवीय चेन
हूती सहयोगियों की चेतावनी बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी
अमेरिका की धमकी बिजली घरों और पुलों को तबाह करने का अल्टिमेटम

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने कहा है कि शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर हुए हमले का करारा जवाब दिया जाएगा. उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के शांति प्रस्ताव को अपर्याप्त बताते हुए कहा है कि अगर समय रहते शर्तें नहीं मानी गईं तो ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा. ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर नागरिक ठिकानों पर हमले नहीं रुके तो उनकी सैन्य कार्रवाई और भी विनाशकारी होगी.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.