Iran-US Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होगी बातचीत, Ghalibaf ने जताया अविश्वास
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए इस्लामाबाद में एक बड़ी बैठक होने जा रही है। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के प्रतिनिधि शांति वार्ता के लिए एक साथ बैठेंगे। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस बैठक से दुनिया की नजरें जुड़ी हैं क्योंकि पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच काफी संघर्ष रहा है।
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शांति वार्ता में कौन-कौन शामिल है?
ईरान की तरफ से संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance, विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner इस्लामाबाद पहुंचे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इसे शांति के लिए एक बहुत बड़ा मौका बताया है।
| पक्ष | मुख्य प्रतिनिधि |
|---|---|
| ईरान | Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi |
| अमेरिका | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| पाकिस्तान (मध्यस्थ) | Shehbaz Sharif, Ishaq Dar, Asim Munir |
बातचीत की शर्तें और विवाद क्या है?
ईरान ने बातचीत के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें लेबनान में युद्धविराम और अपनी जमी हुई संपत्ति को वापस पाना शामिल है। यह बैठक 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए संघर्ष और उसके बाद हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद हो रही है। Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा कि उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है क्योंकि पहले भी वादे तोड़े गए हैं।
Mohammad Bagher Ghalibaf अपनी फ्लाइट में Minab घटना के पीड़ितों की तस्वीरें साथ ले गए और इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अमेरिका अपनी योजनाएं ईरान के साथ या उसके बिना भी आगे बढ़ाएगा।




