ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। अब शुक्रवार तक ईरान एक नया शांति प्लान पेश कर सकता है। Strait of Hormuz में चल रही नाकाबंदी और लड़ाई की वजह से पूरी दुनिया में हलचल मची है और तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।
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Strait of Hormuz संकट और अब तक की बड़ी बातें
इस विवाद की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz की समुद्री नाकाबंदी शुरू की थी। इसके जवाब में 29 अप्रैल 2026 को ईरान के नौसेना कमांडर Shahram Irani ने अरब सागर की तरफ से इस रास्ते को बंद करने का ऐलान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तनाव और बढ़ा तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ईरान के सांसद Alaaeddin Boroujerdi ने साफ कहा कि ईरान इस रास्ते पर अपना कंट्रोल कभी नहीं छोड़ेगा।
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच विवाद शुरू हुआ |
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने समुद्री नाकाबंदी शुरू की |
| 29 अप्रैल 2026 | ईरान ने अरब सागर की तरफ से रास्ता बंद किया |
| 1 मई 2026 | ईरान नया शांति प्रस्ताव पेश कर सकता है |
शांति समझौते में क्या बाधाएं हैं और कौन कर रहा है मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान के पुराने प्रस्तावों को खारिज कर दिया था। अमेरिका का कहना है कि जब तक परमाणु मुद्दे पर बात नहीं होगी, तब तक कोई समझौता नहीं होगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wales ने कहा कि अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। इस पूरे संघर्ष का खर्च अब तक 25 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। इस बीच Pakistan के प्रधानमंत्री और वहां के मध्यस्थ इस बातचीत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi हाल ही में रूस से लौटकर अपने नेतृत्व के साथ चर्चा कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz बंद होने से क्या असर पड़ेगा
इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की सप्लाई प्रभावित होगी, जिससे पूरी दुनिया में कीमतों पर असर पड़ सकता है।
अमेरिका की मुख्य शर्त क्या है
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि परमाणु मुद्दा इस विवाद की जड़ है और जब तक ईरान इस पर बात नहीं करेगा, तब तक नाकाबंदी खत्म नहीं होगी।