Islamabad में ईरान और अमेरिका की बड़ी बैठक, लेबनान में युद्ध रोकने पर चर्चा, ईरान ने रखी 10 बड़ी शर्तें
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत बड़ी बैठक हुई. यह बैठक 1979 की क्रांति के बाद से दोनों देशों के बीच सबसे ऊंचे स्तर की बातचीत मानी जा रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इन बातचीत को ‘करो या मरो’ वाली स्थिति बताया है और दोनों देशों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की है.
ईरान की मुख्य मांगें और लेबनान का मुद्दा क्या है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि ईरान लेबनान में युद्धविराम (ceasefire) को सुनिश्चित करने के लिए लगातार Beirut के संपर्क में है. ईरान ने पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने अपना एक 10 पॉइंट का प्रस्ताव रखा है. इसमें सबसे बड़ी मांग यह है कि Israel और Hezbollah के बीच पूरी तरह से युद्धविराम हो, जिसे ईरान मूल समझौते का हिस्सा मानता है. इसके अलावा ईरान ने Strait of Hormuz पर अपना अधिकार जताते हुए वहां से गुजरने वाले जहाजों पर कंट्रोल और ट्रांजिट फीस वसूलने की मांग भी की है.
अमेरिका और इसराइल का इस पर क्या कहना है?
अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं. अमेरिकी टीम का कहना है कि लेबनान को युद्धविराम में शामिल करने को लेकर एक ‘गलतफहमी’ हुई थी और उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ईरानियों पर डाली है. दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि इसराइल और लेबनान के बीच अभी कोई आधिकारिक युद्धविराम नहीं है. हालांकि, उन्होंने Hezbollah को निशस्त्र करने और संबंध बनाने के लिए सीधी बातचीत की अनुमति दे दी है.
इस्लामाबाद बातचीत के मुख्य विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बैठक की तारीख | 11 अप्रैल 2026 |
| मेजबान देश | पाकिस्तान |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner |
| ईरानी प्रतिनिधि | Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi |
| मुख्य मुद्दा | लेबनान में युद्धविराम और पश्चिम एशिया में शांति |
| ईरान की मांग | 10 पॉइंट का प्रस्ताव और Strait of Hormuz पर कंट्रोल |
| इसराइल का रुख | Hezbollah को निशस्त्र करने पर बातचीत की सहमति |




