Iran US Talks: अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान तैयार, कानूनी शर्तों पर होगा समझौता, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने दिया बड़ा बयान
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है। उन्होंने साफ किया कि यह बातचीत केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में ही होगी ताकि ईरानी लोगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। हालांकि, हाल ही में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई मीटिंग बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी।
इस्लामाबाद की बातचीत क्यों रही नाकाम और अब क्या है ईरान का रुख?
ईरान के राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका की बहुत ज़्यादा मांगों और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी की वजह से इस्लामाबाद में समझौता नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि ईरान शांति चाहता है लेकिन अपनी शर्तों और कानूनी अधिकारों के साथ। अब ईरान चाहता है कि यूरोपीय देश अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें। राष्ट्रपति Pezeshkian ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ‘मैक्सिमलिज्म’ यानी हद से ज़्यादा मांगों को छोड़ेगा, तभी कोई बड़ा समाधान निकलेगा।
बातचीत के लिए शर्तें और अमेरिका का क्या कहना है?
ईरान ने बातचीत के लिए एक 10 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है जिसमें सुरक्षा और आर्थिक राहत की मांगें शामिल हैं। दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि ईरान डील करने के लिए बहुत ज़्यादा उत्सुक है। वहीं, US Vice President J.D. Vance ने ईरान पर आर्थिक आतंकवाद का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान में मौजूद ईरानी टीम के पास फैसला लेने का अधिकार नहीं था।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| ईरान की मांग | गैर-आक्रामकता की गारंटी और पाबंदियों से राहत |
| Hormuz Strait | इस रास्ते पर ईरान का पूरा नियंत्रण बना रहे |
| अमेरिकी सेना | क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी |
| मुआवजा | हुए नुकसान के लिए हर्जाना देना |
| अमेरिकी रुख | Donald Trump के अनुसार ईरान डील के लिए उत्सुक है |
| UN का स्टैंड | सैन्य समाधान संभव नहीं, बातचीत जारी रखनी होगी |
| ताज़ा अपडेट | अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की |
दुनिया पर क्या होगा असर और आगे क्या हो सकता है?
राष्ट्रपति Pezeshkian ने चेतावनी दी है कि अगर Hormuz Strait में कोई खतरा पैदा हुआ, तो इसका असर पूरी दुनिया के व्यापार पर पड़ेगा। इसी बीच, राष्ट्रपति ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से फोन पर बात की और परमाणु मुद्दे व क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा की। ऐसी खबरें हैं कि पाकिस्तान एक बार फिर मेजबानी कर सकता है और 16 अप्रैल को बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो सकता है।




