ईरान की सेना आईआरजीसी (IRGC) और अमेरिका के बीच तनाव बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उनके बुनियादी ढांचे पर हमला किया, तो वे इसका जवाब क्षेत्र के बाहर जाकर भी देंगे. इस समय Strait of Hormuz पूरी तरह बंद है जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर काफी चिंताजनक है क्योंकि इससे आने वाले समय में महंगाई और यात्रा पर असर पड़ सकता है.

🚨: ईरान के कई शहरों पर इसराइली हमला, बिजली ठप और रेलवे ब्रिज हुआ तबाह, 2 लोगों की मौत.

ट्रंप का अल्टीमेटम और ईरान की सख्त चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल 2026 को ईरान को आखिरी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर आज रात 8 बजे तक Strait of Hormuz को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर देगा. दूसरी तरफ ईरान की IRGC ने कहा है कि अब इस रास्ते पर विदेशी ताकतों का दबदबा खत्म हो चुका है. ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इसराइल के लिए यह रास्ता अब पहले जैसा नहीं रहेगा. ईरान का कहना है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं.

क्षेत्रीय देशों की चिंता और वर्तमान स्थिति

इस संकट के बीच कई देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है. चीन ने भी इस मामले में गहरी चिंता जताई है और जल्द से जल्द रास्ता खोलने की मांग की है. यूएई (UAE) के अधिकारियों ने भी बयान दिया है कि इस समुद्री रास्ते को कोई भी देश बंधक नहीं बना सकता और जहाजों की आवाजाही सुरक्षित होनी चाहिए. पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जिनका विवरण नीचे दिया गया है:

स्थान/विषय ताजा अपडेट
Kharg Island ईरान के इस मुख्य तेल टर्मिनल पर कई धमाकों की खबर है.
Kashan यहाँ एक रेल पुल पर हमला हुआ जिसमें दो लोगों की जान चली गई.
Oman ओमान और ईरान के बीच रास्ता खोलने को लेकर बातचीत चल रही है.
Ceasefire ईरान ने अमेरिका की तरफ से आए 45 दिनों के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.
Transit Rules ईरान ने जहाजों से भारी फीस वसूलने और कुछ देशों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है.

ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह केवल अपने दोस्त देशों के जहाजों को ही निकलने की अनुमति देगा. हाल ही में मलेशिया के एक जहाज को वहाँ से निकलने दिया गया है. ओमान की कोशिशों के बाद 2 अप्रैल से कुछ जहाजों की आवाजाही शुरू हुई थी, लेकिन ट्रंप की नई चेतावनी के बाद तनाव फिर से बढ़ गया है. खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक खबरों पर नजर रखें क्योंकि इस तनाव का सीधा असर व्यापार और नौकरियों पर पड़ सकता है.